जीवित नाबालिग की हत्या का मामला
रांची/गुमला : लापुंग की जिस जीवित नाबालिग की हत्या के आरोप में कामडारा के लतरा कोन्सा गांव निवासी मंजीत केरकेट्टा दिल्ली जेल में बंद है, उसके परिजनों ने भी अब दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़ा किया.
मंजीत के बड़े भाई विमल केरकेट्टा (जो गांव के ही स्कूल में पारा शिक्षक हैं) ने बताया कि 20 मई को जब दिल्ली पुलिस ने मंजीत को गांव में आकर पकड़ा था, तब मंजीत चिल्ला-चिल्ला कर बोल रहा था कि वह बेगुनाह है. उसने किसी की हत्या नहीं की है, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी और मंजीत को घर से निकाल कर दिल्ली ले गयी. अभी मंजीत दिल्ली जेल में है.
विमल ने बताया कि हमलोगों ने मंजीत की जमानत कराने का प्रयास किया था, परंतु दिल्ली कोर्ट से जमानत नहीं मिली. इधर, जब प्रभात खबर के माध्यम से नाबालिग लड़की के जिंदा लौटने की सूचना मिली, तो मंजीत को जेल से निकालने की राह आसान हो गयी है.
विमल ने कहा कि मंजीत की पत्नी सीमा अभी बंगाल में है. मृत किशोरी के जिंदा होने की सूचना सीमा को दी गयी है. सीमा कुछ दिनों के बाद कामडारा पहुंचने वाली है. इसके बाद उक्त किशोरी को दिल्ली लेकर जायेंगे.
इसके बाद पुलिस व कोर्ट के समक्ष किशोरी का बयान दिला कर मंजीत को जेल से छुड़ाने का प्रयास होगा. विमल ने बताया कि मेरा भाई हत्या नहीं कर सकता है. यह मुझे विश्वास था. गांव में कोई काम नहीं रहने पर तीन साल पहले वह रोजगार के लिए दिल्ली गया था, जहां उसने सीमा से शादी की. लेकिन, अचानक लापुंग की एक किशोरी की हत्या के आरोप में उसे पुलिस ने पकड़ लिया. पुलिस की यह कार्रवाई बड़ा सवाल खड़ा कर रही है.
