बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने की जरूरत पर ‘सेव चिल्ड्रेन ने आयोजित की विचारगोष्ठी
रांची : समाज में हाशिए पर जीने वाले बच्चों के को किस तरह शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराये जायें, इस विषय पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन होटल कैपिटल हिल में किया गया. यह आयोजन संस्था ‘सेव चिल्ड्रेन’ ने झारखंड राइट टू एजुकेशन फोरम (जेआरटीईएफ) के सहयोग से किया था. विचारगोष्ठी में यह बात उभरकर […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रांची : समाज में हाशिए पर जीने वाले बच्चों के को किस तरह शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराये जायें, इस विषय पर एक विचारगोष्ठी का आयोजन होटल कैपिटल हिल में किया गया. यह आयोजन संस्था ‘सेव चिल्ड्रेन’ ने झारखंड राइट टू एजुकेशन फोरम (जेआरटीईएफ) के सहयोग से किया था.
विचारगोष्ठी में यह बात उभरकर सामने आयी कि बच्चों के लिए 3-8 साल की उम्र बहुत महत्वपूर्ण है, जिसमें उन्हें बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिये जाने की जरूरत है. प्राथमिक विद्यालयों में बेहतर और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा ड्रॉप-आउट दरों को कम करने में भी मदद करता है. चूंकि इस आयु में मस्तिष्क का 90% विकास होता है इसलिए यह आयु गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए बहुत जरूरी है. झारखंड जैसे राज्य में छः वर्ष से कम आयु के 3.8 मिलियन बच्चे हैं, इसलिए यह बहुत जरूरी हो जाता है कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दिलाने के लिए बेहतर माहौल बनाया जाये.
झारखंड में ‘सेव चिल्ड्रेन’ सौ प्राथमिक विद्यालयों और 200 आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिये समाज के पिछड़े बच्चों को शिक्षित करने में जुटा है. इसके तहत एक मॉडल तैयार किया जा रहा है जिसके तहत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का प्रयास किया जा रहा है.इस गोष्ठी में झारखंड आरटीई फोरम के प्रवक्ता एके सिंह, वरिष्ठ पत्रकार मधुकर महिला एवं बाल विकास और सामाजिक प्रतिभूति विभाग से प्रीती कुमार व आईसीडीएस के सहायक निदेशक मौजूद थे.