रांची : नये मेडिकल कॉलेजों में अप्रैल से होगी पढ़ाई, पर भवन का काम 22% ही हुआ

भवन निर्माण निगम स्वास्थ्य विभाग के 472 भवनों को कर रहा है तैयार सुनील चौधरी रांची : झारखंड में बन रहे तीन नये मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य की प्रगति धीमी है. अब तक 22 से लेकर 40 प्रतिशत तक ही काम पूरे हो सके हैं. पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने इसकी समीक्षा […]

भवन निर्माण निगम स्वास्थ्य विभाग के 472 भवनों को कर रहा है तैयार
सुनील चौधरी
रांची : झारखंड में बन रहे तीन नये मेडिकल कॉलेजों के निर्माण कार्य की प्रगति धीमी है. अब तक 22 से लेकर 40 प्रतिशत तक ही काम पूरे हो सके हैं. पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने इसकी समीक्षा कर नाराजगी भी जतायी थी. इधर, राज्य सरकार वर्ष 2019-20 के लिए इन तीनों मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू करने जा रही है.
यानी अप्रैल 2019 से पढ़ाई आरंभ हो जायेगी. गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग के सारे भवनों का निर्माण झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है. निगम ने स्वास्थ्य विभाग के 472 भवनों के निर्माण का काम लिया है. इनमें से 220 भवन ही पूरे हुए हैं. शेष का काम या तो अधूरा है या शुरू ही नहीं हुआ है.
जानकारी के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग द्वारा लंबित योजनाओं के लिए प्रगति प्रतिवेदन तैयार किया गया है, जिसमें 31 अक्तूबर तक की प्रगति का ब्योरा है.
राज्य सरकार द्वारा हजारीबाग, पलामू एवं दुमका में नये मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण एवं जिला अस्पतालों के जीर्णोद्धार का काम किया जा रहा है. विभाग ने इसके लिए 518.57 करोड़ रुपये निगम को उपलब्ध कराया है. इसके एवज में निगम ने केवल 199 करोड़ रुपये का उपयोगिता प्रमाण पत्र दिया है.
विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मेडिकल कॉलेज से संबद्ध सदर अस्पताल हजारीबाग, पलामू एवं दुमका को 300 बेड में बदलने का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है. पलामू मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण का काम अबतक 30 प्रतिशत ही हुआ है. दुमका मेडिकल कॉलेज का काम 22 प्रतिशत तक ही हो सका है. हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का काम 40 प्रतिशत तक हुआ है. शेष काम को हर हाल में 10 जुलाई 2019 तक पूरा करना है.
पीएमसीएच में 2016 का काम अब तक नहीं हो सका पूरा : पीएमसीएच धनबाद में जेनरल मेडिसिन एंड पेड्रियाट्रिक(पार्ट ए) के भवन का काम सात दिसंबर 2016 को ही पूरा करके देना था. पर अब तक यह काम 90 फीसदी ही हुआ है.
इसी तरह जेनरल मेडिसिन एंड पेड्रियाट्रिक(पार्ट बी), सर्जरी एवं एनेस्थिसिया विभाग का काम भी 90 फीसदी तक हो सका है. पारा मेडिकल संस्थान, गर्ल्स हॉस्टल पीएमसीएच धनबाद के भवन निर्माण काम 7.5.2016 को दिया गया, पर अब तक एक प्रतिशत ही काम हुआ है, जबकि काम पूरा करने की अवधि 26.10.2018 तक ही थी.
500 बेड के रांची सदर अस्पताल का काम पांच प्रतिशत ही हुआ
500 बेड के रांची सदर अस्पताल का काम 179.21 करोड़ में दिया गया है. काम पूरा करने की अंतिम तिथि 27 फरवरी 2019 है, पर अभी तक केवल पांच प्रतिशत ही काम हुआ है. यानी तीन माह में 95 प्रतिशत काम करना है. इसी तरह खरसावां में 500 बेड के अस्पताल का काम 26.2.2014 को ही पूरा करना था, पर पांच वर्ष बाद भी केवल 50 फीसदी ही काम हुआ है.
ब्लड बैंक का काम भी लंबित
रांची, गुमला और लोहरदगा में ब्लड बैंक के निर्माण के लिए 8.6.18 को ही 2.10 करोड़ रुपये आवंटित कर दिये गये थे, पर अब तक राशि की निकासी भी नहीं की गयी है. इस कारण ब्लड बैंक का काम अबतक लंबित है.
जीएनएम स्कूलों का काम भी पांच साल पीछे
जीएनएम स्कूल एवं हॉस्टल पलामू का काम 30.9.2015 को ही पूरा करके देना था, पर अभी तक कार्य अधूरा है. जीएनएम स्कूल एवं हॉस्टल लातेहार का काम 31.7.2015 को पूरा करना था, अभी तक काम अधूरा है. जीएनएम स्कूल एवं हॉस्टल सरायकेला-खरसावां का काम भी अधूरा है.
इसे 26 फरवरी 2014 को ही पूरा करना था. इसी तरह एएनएम स्कूल बोकारो, चंद्रगौड़ा का काम भी अधूरा है. सदर अस्पताल चतरा का काम 30 प्रतिशत, अनुमंडलीय अस्पताल हुसैनाबाद का काम 34 प्रतिशत, सीएचसी अमरापाड़ा काम भी अधूरा है. सीएचसी चंदवा, डालटेनगंज एवं कोडरमा ट्रामा सेंटर का काम भी अधूरा है.

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