रांची : पूरा नहीं हो सका मॉडर्न रिकॉर्ड रूम का काम, नहीं कट रही है जमीन की रसीद

रांची : राज्य में अभी तक सभी जगहों पर मॉडर्न रिकॉर्ड रूम तैयार करने का काम पूरा नहीं हुआ है. फिलहाल खूंटी, गिरिडीह, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, बेरमो, बुंडू, रामगढ़, घाटशिला, बोकारो, चतरा, बरही, दुमका, गोड्डा, देवघर में यह काम लगभग पूरा हो गया है, लेकिन अभी इसे सरकार के हवाले नहीं किया गया है. जल्द […]

रांची : राज्य में अभी तक सभी जगहों पर मॉडर्न रिकॉर्ड रूम तैयार करने का काम पूरा नहीं हुआ है. फिलहाल खूंटी, गिरिडीह, गुमला, सिमडेगा, लोहरदगा, बेरमो, बुंडू, रामगढ़, घाटशिला, बोकारो, चतरा, बरही, दुमका, गोड्डा, देवघर में यह काम लगभग पूरा हो गया है, लेकिन अभी इसे सरकार के हवाले नहीं किया गया है. जल्द ही यह सरकार को हैंड अोवर कर दिया जायेगा.
इसके बाद लोगों को खतियान का नकल, जमाबंदी रजिस्टर का नकल, रेवेन्यू कोर्ट से संबंधित कागजात अॉनलाइन मिल सकेंगे. जानकारी के मुताबिक पहले से ही यह योजना झारखंड में विलंब से चल रही है. ऐसे में हाल ही में जैप आइटी ने संबंधित कंपनियों को आवश्यक निर्देश दिया है. इसके बाद से इस काम में तेजी आयी है. ऐसे में शेष लोकेशन पर भी तेजी से काम करना होगा.
रसीद भी नहीं कट रही : राज्य भर में गैर मजरुआ जमीन की रसीद भी नहीं कट रही है. कुछ खास मामलों को छोड़ कर सामान्य तौर पर लगान जमा करने का लॉक खोला ही नहीं किया गया है. दो जगह एनआइसी व अंचलाधिकारी कार्यालय से लॉक करने या खोलने का प्रावधान है. अंचल कार्यालयों में जमीन की प्रकृति आदि देख कर किसी-किसी मामलों में लॉक खोला गया है, ताकि लगान स्वीकार करने का अॉप्शन खुल सके, लेकिन अधिकतर मामलों में अभी भी यह लॉक है.
मंत्रिपरिषद के फैसले के बावजूद यह स्थिति है. मंत्रिपरिषद की बैठक में यह स्पष्ट रूप से फैसला हुआ था कि सारे गैर मजरुआ जमीन की रसीद काटी जाये. यानी लगान स्वीकार करने का अॉप्शन खोल देना था, लेकिन इस फैसले पर भी अभी तक अमल नहीं किया गया है.
मंत्रिपरिषद के फैसले के बाद भी संबंधित विभाग व अधिकारी इस मामले में कार्रवाई नहीं कर रहे हैं. इससे संबंधित लोगों को काफी परेशानी हो रही है. वे अंचल कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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