रांची : उग्रवादी संगठनों को आर्थिक लाभ पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार ट्रांसपोर्टर सुधांशु रंजन उर्फ छोटू की परेशानी बढ़ती जा रही है. चतरा के सिमरिया से 12 नवंबर को गिरफ्तार छोटू को अब एनआइए ने चार दिनों की रिमांड पर लिया है. इससे पूर्व गिरफ्तार छोटू को 13 नवंबर को एनआइए कोर्ट में पेश किया गया.
इस दौरान एनअाइए द्वारा कोर्ट से छोटू के रिमांंड की मांग की गयी थी. कोर्ट ने रिमांड की मंजूरी दी थी. इसके बाद एनआइए के अफसर सुधांशु को कोर्ट से बिरसा केंद्रीय कारा, होटवार साथ ले गये थे. जेल पहुंचने के बाद रिमांड पर लिये जाने की प्रक्रिया एनआइए के अफसरों ने पूरा की. इसके बाद टीम उसे साथ ले गयी.
बुधवार को टीएसपीसी के हार्डकोर उग्रवादी आक्रमण के जरिये किन कोयला कारोबारियों के लिए छाेटू ने काम किया, इसके एवज में वह खुद और कारोबारियों ने उग्रवादी संगठनों को किस रूप में लाभ पहुंचाया, इस पर एनआइए के अधिकारी ने उससे कड़ाई से पूछताछ की. बताया जा रहा है कि उसने एजेंसी को अहम जानकारी मुहैया करायी है. इससे वैसे कोयला कारोबारियों की परेशानी बढ़नी तय है, जिन्होंने उग्रवादी संगठनों को अार्थिक तौर पर मदद पहुंचायी थी. संभव है कि एजेंसी उन्हें भी शिकंजा में लेकर सलाखों के पीछे भेजे.
उल्लेखनीय है कि एनआइए ने इस मामले में कोयला कारोबारी सोनू अग्रवाल, विपिन मिश्रा, विनीत अग्रवाल, सुदेश केडिया, विष्णु अग्रवाल और आधुनिक कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी की थी. जांच एजेंसी के मुताबिक छापेमारी में व्यवसायियों के ठिकानों से कई अहम दस्तावेज एजेंसी को हाथ लगे थे, जिससे उग्रवादी संगठनों को आर्थिक मदद पहुंचाने की बात कही गयी थी.
एनआइए कोर्ट में पेशी के बाद 13 नवंबर को बिरसा केंद्रीय कारा भेजा गया था, चतरा से 12 नवंबर को धराया था
13 नवंबर को ही एनआइए की टीम सुधांशु के साथ जेल आयी और कोर्ट के आदेश से रिमांड पर ले गयी
