रांची : चतरा में स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग/प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की अनुमति के बिना ही शिक्षक नियुक्ति की काउंसलिंग किये जाने पर विभाग ने जिला शिक्षा अधीक्षक से स्पष्टीकरण मांगा है. प्राथमिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार ने जिला शिक्षा अधीक्षक को एक सप्ताह में जवाब देने को कहा है.
निदेशालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि निदेशालय को विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिली है कि चतरा में गैर पारा शिक्षकों को पारा शिक्षक कोटि के शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक स्तर से कार्रवाई की जा रही है. इसकी अनुमति विभाग या निदेशालय द्वारा नहीं दी गयी है. निदेशक ने काउंसलिंग पर तत्काल रोक लगाने व स्पष्टीकरण के साथ जिला शिक्षा अधीक्षक को अपनी रिपोर्ट देने को कहा है. निदेशालय ने जिला शिक्षा अधीक्षक से पूछा है कि किस परिस्थिति में ऐसा करने का प्रयास किया जा रहा है.
ऐसी नियुक्ति के पूर्व झारखंड हाइकोर्ट में एलपीए दायर करने की कार्रवाई क्यों नहीं की गयी. पत्र में कहा गया है कि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में पूर्व में हुई बैठक में यह निर्णय लिया जा चुका है कि सभी मामलों में एसएलपी दायर की जाये. एेसी नियुक्ति के बाद अगर वेतन भुगतान की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसके लिए जिला शिक्षा अधीक्षक जिम्मेदार होंगे.
