रांची : कृषि विभाग ने लातेहार स्थित नाशपाती बागान को 46 लाख रुपये में बेचा है. वर्ष 2014-15 में 5.65 लाख रुपये और पिछले साल करीब 27 लाख रुपये में इस बागान की नीलामी हुई थी. इस बार करीब 20 लाख रुपये अधिक बोली लगाकर बागान बेचा गया है. इसकी नीलामी कृषि विभाग का संयुक्त कृषि कार्यालय करता है. नीलामी से कृषि विभाग को अच्छी आय हो रही है.
पांच हजार से अधिक पेड़ हैं : लातेहार जिले के कृषि विभाग द्वारा संचालित नाशपाती बागान में करीब पांच हजार पेड़ हैं. यह 84 एकड़ में फैला हुआ है. यहां के नाशपाती की गुणवत्ता अंतरराष्ट्रीय स्तर की है. यह साइज में छोटा होता है. इसका छिलका भी सेव की तरह पतला होता है. झारखंड के बाजार में यह कम दिखता है. बंगाल और आसपास के राज्यों में इसकी खूब मांग है. यह बागान 1982-83 से संचालित है.
जुलाई-अगस्त में तैयार होता है फल : नाशपाती का फल जुलाई-अगस्त में तैयार होता है. इस वक्त बाजार में नाशपाती की आमद कम होती है. इस कारण बाजार में अच्छी कीमत मिल जाती है. रांची के व्यापारी ही बोली लगाकर नाशपाती लेते हैं.
बिक्री की स्थिति
वर्ष आमदनी
2014-15 5.65
2015-16 14.85
2016-17 15.20
2017-18 27.60
2018-19 46.00
अब फल व्यापारियों को लातेहार के नाशपाती की समझ आ गयी है. इस कारण अच्छी बोली लगाकर इसे खरीद रहे हैं. इसकी बाजार में कीमत भी मिल रही है. इस कारण बोली लगाने वालों की संख्या भी बढ़ रही है. इससे सरकार को अच्छी आमदनी हो रही है.
सुभाष सिंह, संयुक्त निदेशक, कृषि, दक्षिणी छोटानागपुर
