रांची : व्यापारियों को फूड लाइसेंस लेने में हो रही परेशानी : चेंबर

रांची : फूड लाइसेंस लेने में व्यापारियों को हो रही परेशानी को देखते हुए झारखंड चेंबर ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पत्र लिखा है. चेंबर अध्यक्ष दीपक कुमार मारू ने कहा कि फूड लाइसेंस लेने की प्रक्रिया वर्तमान में ऑनलाइन है. लेकिन, इस प्रक्रिया में कुछ तकनीकी कठिनाइयों के कारण व्यापारी लाइसेंस लेने में […]

रांची : फूड लाइसेंस लेने में व्यापारियों को हो रही परेशानी को देखते हुए झारखंड चेंबर ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को पत्र लिखा है. चेंबर अध्यक्ष दीपक कुमार मारू ने कहा कि फूड लाइसेंस लेने की प्रक्रिया वर्तमान में ऑनलाइन है. लेकिन, इस प्रक्रिया में कुछ तकनीकी कठिनाइयों के कारण व्यापारी लाइसेंस लेने में असहज महसूस कर रहे हैं. चेंबर ने सुझाव दिया कि विभाग द्वारा चेंबर के प्रतिनिधियों को प्रशिक्षण दिया जाये, तो चेंबर इसमें सहयोग करेगा.
ई-कॉमर्स कंपनियों द्वारा वेबसाइट पर प्रदर्शित सामान और ग्राहक को भेजे जानेवाले सामान में होनेवाले अंतर पर झारखंड चेंबर ने चिंता जतायी है. चेंबर के एफएमसीजी ट्रेड उप समिति के चेयरमैन संजय अखौरी ने कहा कि न्यायालय ने भी चिंता जतायी है. ब्रांडेड कंपनी के नाम पर उसकी जगह दूसरे कंपनी के माल को बेचा जा रहा है. ऑनलाइन कंपनियों द्वारा भेजे जानेवाले एक ही कंपनी के उत्पादों पर अलग-अलग मूल्य भी लिखे गये हैं.
नयी उत्पाद नीति को लागू करना चाहिए
शराब व्यापार को पुन: निजी हाथों में सौंपने के फैसला का झारखंड चेंबर ने स्वागत किया है. चेंबर के महासचिव कुणाल अजमानी ने कहा कि चेंबर ने सुझाव दिया है कि शराब व्यवसाय में न्यूनतम मुनाफा 25 फीसदी किया जाये.
इस मुनाफे को देने के बाद एमआरपी से अधिक दामों पर बेचने वालों पर सख्ती बरती जाये. ऐसा करने वालों पर पांच लाख रुपये का अर्थदंड एवं जेल का प्रावधान लाया जाये. राज्य में मॉडल शॉप का लाइसेंस देने का प्रयास होना चाहिए, जिसकी लाइसेंस अवधि दिल्ली एवं हैदराबाद की तर्ज पर न्यूनतम 15 वर्ष हो. जनहित में सरकार को शीघ्र नयी उत्पाद नीति को लागू करने का प्रयास करना चाहिए.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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