रांची : झाविमो से भाजपा में जाने वाले छह विधायकों के दलबदल मामले में सुनवाई के दौरान प्रतिवादी (दलबदल के आरोपी छह विधायक) की ओर से सुनवाई प्रक्रिया में चूक का मामला उठाया गया़ विधायक गणेश गंझू की ओर से बहस करते हुए अधिवक्ता जयप्रकाश झा का कहना था कि प्रक्रिया के तहत इश्यू फ्रेम नहीं किया गया है. दोनों पक्षों ने अपने-अपने आवेदन दिये थे़
उनके आवेदन पर इश्यू फ्रेम होना चाहिए़ इस पर स्पीकर दिनेश उरांव का कहना था कि प्रक्रिया में कोई चूक नहीं हुई है़ 191-2 के तहत जिस विषय का उल्लेख हो रहा है, उसकी विवरणिका को देखना चाहिए़ इसमें सारे विषय हैं, जिस पर बहस हो रही है़ आप दस्तावेज ठीक से पढ़े़ं
कुछ भी हो बेटा मां को नहीं भूल सकता
उधर, प्रतिवादी की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ता ने कहा कि यह दलबदल का केस नहीं है़ यह मर्जर का केस है़ एक साथ कहीं भी छह विधायक गये हैं, तो दलबदल का मामला नहीं बनता है़ यहां आठ में से छह विधायकों ने भाजपा में विलय किया है़ अधिवक्ता श्री झा ने कहा कि भाजपा ने बाबूलाल को इतिहास पुरुष बनाया़ उन्हें बहुत कुछ दिया़
उन्होंने अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा में दूसरी पार्टी बनायी़ वह सूबे का मुख्यमंत्री बनना चाहते है़ं मुख्यमंत्री बनना सबकी इच्छा होती है़ जब वह भाजपा छोड़ कर चले गये, तो उनको यह भी मानना चाहिए कि दूसरे भी पार्टी छोड़ कर जा सकते है़ं प्रतिवादी पक्ष को सुनने के बाद स्पीकर ने छह नवंबर को सुनवाई की अगली तिथि तय की़
