रांची : देवघर नगर अंचल के तत्कालीन अंचलाधिकारी (सीअो) सिद्धार्थ शंकर चाैधरी को करोड़ों के भूमि घोटाला मामले में झारखंड हाइकोर्ट से राहत मिल गयी है. जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने मंगलवार को जमानत याचिकाअों पर सुनवाई करते हुए उन्हें सशर्त जमानत की सुविधा प्रदान की.
अदालत ने प्रार्थी के दो मामलों में जमानत की अर्जी स्वीकार की. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रार्थी का कोई नजदीकी रिश्तेदार ही जमानतदार होगा. ट्रायल के दाैरान प्रार्थी को अदालत में उपस्थित रहना होगा.इससे पूर्व प्रार्थी की अोर से वरीय अधिवक्ता आरएस मजूमदार ने अदालत को बताया कि मामले में उन्हें गलत फंसाया गया है. उन्होंने म्यूटेशन या रजिस्ट्रेशन के लिए एनअोसी निर्गत करने में कहीं कोई गड़बड़ी नहीं की है.
सेल सर्टिफिकेट की सत्यापित प्रति दुमका समाहरणालय से पहले से निर्गत थी, जिसके आधार पर उन्होंने एनअोसी दिया तथा बाद में म्यूटेशन किया था. वहीं सीबीआइ की अोर से जमानत का विरोध किया गया. उल्लेखनीय है कि प्रार्थी तत्कालीन सीअो सिद्धार्थ शंकर चाैधरी 18 अगस्त 2018 से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं. सीबीआइ ने तत्कालीन सीअो को दो मामलो में आरोपी बनाया है. एक मामले में गलत म्यूटेशन करने तथा दूसरे मामले में गलत अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनअोसी) निर्गत करने का आरोप लगाया गया है.
