रांची : जिस बेड पर पड़ा था बच्चे का शव, उसी पर चल रहा था दूसरे बच्चे का इलाज

रिम्स निदेशक का आदेश नहीं मानते कर्मचारी रांची : रिम्स के निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव का स्पष्ट आदेश है कि यदि अस्पताल में भर्ती किसी मरीज की मौत होती है, तो 15 मिनट के भीतर ही उस शव को शवगृह (मॉर्चरी) में भेज दिया जाये. लेकिन, अस्पताल के कर्मचारी निदेशक के इस आदेश का भी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
रिम्स निदेशक का आदेश नहीं मानते कर्मचारी
रांची : रिम्स के निदेशक डॉ आरके श्रीवास्तव का स्पष्ट आदेश है कि यदि अस्पताल में भर्ती किसी मरीज की मौत होती है, तो 15 मिनट के भीतर ही उस शव को शवगृह (मॉर्चरी) में भेज दिया जाये. लेकिन, अस्पताल के कर्मचारी निदेशक के इस आदेश का भी पालन नहीं कर रहे हैं.
मंगलवार को एक ऐसा ही मामला सामने आया, जब शिशु रोग विभाग में मृत बच्चे का शव काफी देर तक वार्ड में पड़ा रहा.रिम्स के शिशु रोग विभाग के निक्कू वार्ड में मंगलवार को चतरा निवासी बिरहोर परिवार के डेढ़ साल के बच्चे की मौत हो गयी. उसका शव काफी देर तक वार्ड में फोटोथेरेपी मशीन में पड़ा रहा. चौंकानेवाली बात यह है कि उसी मशीन में रख कर एक अन्य बच्चे का इलाज किया जा रहा था. परिजन ने बताया कि बच्चा बुखार और पीलिया से पीड़ित था. इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गयी.
पिता के पास इतने पैसे नहीं थे कि वह वाहन से शव को अपने घर तक ले जा सके. पिता और परिजन शव वाहन के लिए अधीक्षक कार्यालय के पास भटक रहा था. काफी देर बाद अधीक्षक के आदेश पर बिरहोर को शव वाहन उपलब्ध कराया गया.
गढ़वा से आये बच्चे की भी मौत, वाहन खोजते रहे परिजन : इधर, शिशु रोग के विभागाध्यक्ष डॉ चौधरी की यूनिट में मंगलवार को एक अन्य बिरहोर बच्चे की मौत हो गयी थी. बच्चे के पारिजन गढ़वा से उसे बेहतर इलाज के लिए रिम्स लाये थे. बच्चे को बुखार था व उसकी स्थिति गंभीर थी. बच्चे की मौत के बाद भी शव घंटों वहां पड़ा रहा. बच्चे के परिजन भी शव को घर ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था में लगे हुए थे. शव ले जाने के लिए उनके पास भी पैसे नहीं बचे थे.
बिरहोर बच्चे की मौत की जानकारी मिलते ही उसके शव को ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करायी गयी. इलाज के दौरान मौत हो जाने पर शव को शीघ्र हटाने का निर्देश दिया गया है. यह सुनिश्चित कराया जायेगा कि इस आदेश का पालन हर हाल में किया जाये.
डॉ संजय कुमार, उपाधीक्षक रिम्स
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