रांची : सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) की तीसरी वर्षगांठ पर मंगलवार को राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. यह कार्यशाला महात्मा गांधी मार्ग स्थित होटल एवीएन ग्रैंड के सभागार में संपन्न हुई.
मुख्य अतिथि के रूप में नगर विकास मंत्री सीपी सिंह उपस्थित थे. कार्यक्रम का उदघाटन करते हुए श्री सिंह ने कहा कि सस्टनेबल डेवलपमेंट गोल (एसडीजी) के बारे में अभी भी लोगों के बीच व्यापक जानकारी का अभाव है. स्वच्छ भारत मिशन और आयुष्मान भारत योजना एसडीजी की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. राज्य में असमानताएं हैं.
सभी के लिए समान अवसर मुहैया कराने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है. लोगों को भी अपनी जिम्मेवारी का बोध होना चाहिए. पूर्व में स्वच्छता पर चर्चा नहीं होती थी, पर अब लोगों के व्यवहार में स्वच्छता को लेकर जागरूकता आयी है.
झारखंड फाउंडेशन के निदेशक विष्णु राजगढ़िया ने कहा कि सतत विकास का लक्ष्य हासिल करने के लिए विभाग के नोडल पदाधिकारियों को ठोस कदम उठाना चाहिए. यूनिसेफ के कुमार प्रेमचंद ने सतत विकास के लक्ष्य सभी के लिए स्वच्छता व पानी के सतत प्रबंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर कहा कि बहुत काम करने की जरूरत है.
बलराम ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य में भारत भी भागीदार है तथा इन लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर सरकार ने स्वयं जिम्मेदारी ली है. लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रति सरकार द्वारा कोई गंभीर पहल नहीं की गयी है. सस्मिता जेना ने कहा कि सिविल सोसाइटी संगठन अपने-अपने क्षेत्रों में सतत विकास लक्ष्य प्राप्ति के लिए प्रयासरत हैं. राजपाल ने कहा कि सतत विकास लक्ष्य हासिल करने में सरकार की मुख्य जिम्मेदारी तो है ही, लेकिन गैर सरकारी संस्थाओं, सिविल सोसाइटी व समुदाय की भी अहम भूमिका है.
रंजना ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत स्कूलों में कक्षा आठ तक मध्याह्न भोजन, गर्भवती माताओं व छोटे बच्चों के लिए आंगनबाड़ी में पूरक पोषाहार, गरीबों के लिए कम दर पर अनाज आदि दिये जाने का प्रावधान है. इससे पूर्व लीड्स के निदेशक सह एसडीजी ग्लोबल एलायंस के सदस्य एके सिंह ने कहा कि आज सतत विकास लक्ष्य की तीसरी वर्षगांठ है. उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला.
