रांची: वाणिज्यकर विभाग ने तिरुपति स्टील के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. इसमें इस व्यापारी पर फरजी ट्रांजिट परमिट के सहारे कारोबार करने और टैक्स चोरी करने का आरोप लगाया गया है.
वाणिज्यकर विभाग ने चिरकुंडा चेक पोस्ट से जुटाये गये आंकड़ों के आधार पर तिरुपति स्टील के ठिकानों पर छापामारी की थी. इसमें मिले दस्तावेज के आधार पर यह पाया गया कि कोलकाता की जय झारखंड ट्रेडिंग कंपनी नामक व्यापारिक प्रतिष्ठान से सरिया खरीद कर उसे ओड़िशा ले जाने के लिए ट्रांजिट परमिट बनाया जाता है. हालांकि सरिया को ओड़िशा ले जाने के बजाय रांची में उतार कर बेच दिया जाता है.
इस तरह इस माल की वास्तविक बिक्री झारखंड में होने के बावजूद टैक्स की चोरी की जाती है. जय झारखंड ट्रेडिंग के माध्यम से ओड़िशा के श्री महाबीर फेरो एलाय नामक व्यापारिक प्रतिष्ठान ले जाने की बात ट्रांजिट परमिट पर लिखी जाती है. इस बात के मद्देनजर वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों के एक दल को ओड़िशा और कोलकाता भेजा गया था. ओड़िशा में जांच के दौरान महाबीर फेरो एलॉय के मालिकों की ओर से जय झारखंड ट्रेडिंग से किसी तरह का व्यापार करने से इनकार किया गया. इसके बाद ओड़िशा के चेक पोस्ट के आंकड़ों से इस व्यापारी के दावे की सत्यता की जांच की गयी. जिसमें यह पाया गया कि जय झारखंड ट्रेडिंग के माध्यम से ओड़िशा के लिए जारी किये गये किसी भी ट्रांजिट परमिट की इंट्री ओड़िशा चेक पोस्ट पर नहीं है.
कोलकाता स्थित जय झारखंड ट्रेडिंग का ‘टिन’ है. लेकिन वह कोलकाता में किसी तरह की व्यापारिक गतिविधि को संचालित नहीं करती है. इसलिए इस मामले में अंतरराज्यीय गिरोह द्वारा टैक्स चोरी की आशंका जताते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.
