रांची : दुमका जिले में तालाब जीर्णोद्धार को अंजाम देनेवालों ने बाइक, कार और टेंपो से मिट्टी काटने और ढोने के कारनामे को अंजाम दिया है. जिले के सभी 10 प्रखंडों में तालाब जीर्णोद्धार की योजनाओं की नमूना जांच के दौरान इस बात के सबूत मिले हैं. एक तालाब के जीर्णोद्धार पर औसतन 20 लाख रुपये तक का खर्च दिखाया गया है.
तालाब जीर्णोद्धार की 100 में से करीब 25 योजनाओं की जांच पूरा हो चुकी है. इन योजनाओं में मिट्टी काटने से ढोने तक के लिए कुल 70 गाड़ियों का बार बार इस्तेमाल किया गया है. इसमें मोटरसाइकिल, जीप, कार, स्कूटर और मिनी बस के साथ अस्तित्व विहीन गाड़ियां शामिल हैं.
2000 तालाबों का जीर्णोद्धार करने की थी योजना : सरकार ने 2016-17 में 2000 तालाबों के जीर्णोद्धार की योजना स्वीकृत की थी. इस क्रम में सचिव और मंत्री के बीच योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया तय करने के मुद्दे पर मतभेद हुआ था. हंगामे के बाद योजनाओं के चयन के लिए जिले के उपायुक्तों की अध्यक्षता में समिति बनाने का फैसला हुआ था.
साथ ही विधायकों की अनुशंसा पर भी तालाबों का जीर्णोद्धार करने का फैसला किया गया था. वित्तीय वर्ष के अंत तक खर्च नहीं होनेवाली राशि को निकाल पर पीएल अकाउंट में रख दिया गया था. दूसरे वित्तीय वर्ष में पीएल अकाउंट के पैसों से योजनाओं को पूरा दिखाया गया है.
अस्तित्वविहीन गाड़ियों का इस्तेमाल: तालाब जीर्णोद्धार में काटी गयी मिट्टी को ढोने के लिए अस्तित्वविहीन गाड़ियों का इस्तेमाल किया गया है. इन गाड़ियों को ट्रैक्टर बताते हुए यह कहा गया है कि इनके मालिकों ने संबंधित ट्रैक्टरों के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन दिया है. हालांकि अब तक रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं मिला है. जिन लोगों के नाम पर ऐसे ट्रैक्टरों से मिट्टी ढुलाई दिखा कर भुगतान किया गया है, उसमें अनिल कुमार राउत, बासो शेख, बबलू यादव, जीवन प्रसाद मंडल, सुबोध कुमार यादव, मतीन अंसारी, रेवती रंजन सिंह, देवनारायण राणा, प्रमोद यादव, विष्णु कपारी सहित अन्य शामिल हैं.
कार से काटी गयी तालाबों की मिट्टी
तालाब जीर्णोद्धार में जिन बाइकों को ट्रैक्टर बता कर भुगतान लिया गया है, उनमें जेएच 04सी-1931, जेएच 17जी-7597, जेएच 15सी-1812,जेएच04जे-2895, जेएच 17ई-3164 सहित अन्य नंबर शामिल हैं. तालाब जीर्णोद्धार में मिट्टी काटने के लिए दिखाया गया वाहन जेएच11के-7759 टेंपो है. इसी तरह जेएच10यू 9340 नंबर की कार और जेएच10यू7744 नंबर की बाइक से भी मिट्टी काट कर तालाब को गहरा किया गया है. इस तरह मिट्टी काटने से लेकर मिट्टी ढोने तक में मोटरसाइकिल, कार, टेंपो के इस्तेमाल दिखा कर तालाब जीर्णोद्धार के नाम पर सरकारी राशि का गबन किया गया है.
