रांची : कृषि निदेशक रमेश घोलप के नेतृत्व में गये 26 सदस्यीय किसानों ने मंगलवार को इजराइल में फूड प्रोसेसिंग की जानकारी ली. टीम झिरोम याकूव गयी. वहां कृषि आधारित उद्योग, टर्मिनल, मत्स्य उद्योग की जानकारी ली. इशेत इलोन कंपनी के प्रतिनिधियों ने पोस्ट हार्वेस्ट के बारे में गहनता से जाना. उनको इसेक पैकेजिंग, उत्पादों के ट्रीटमेंट, ग्रांडिंग में उपयोग होने वाली तकनीकी की जानकारी दी गयी. किसानों को इसके झारखंड में होनेवाले उपयोग के बारे में भी जानकारी दी गयी.
इशेत इलोन कंपनी वॉलकोनी इंस्टीट्यूट और वहां के एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग मंत्रालय की देखरेख में काम करता है. संस्थान ने फलों की आंतरिक गुणवत्ता के आधार पर चुनने की तकनीक विकसित की है. इसका उपयोग भी किसानों को दिखाया गया. टीम के सदस्यों को ओमेज सेटलमेंट में साइट्रस, नाशपति और प्याज की खेती दिखायी गयी. इसके साथ ही उच्च तकनीकी से आलू और शकरकंद की खेती दिखायी गयी. किसानों को शाम में जेरुशेलम घुमाया गया. इस शहर के इतिहास की जानकारी किसानों को दी गयी. टीम के सदस्यों को कई धार्मिक स्थलों का दौरा कराया गया.
