रांची : राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने हरमू फ्लाइओवर के लिए राजभवन की जमीन देने पर सहमति दे दी है. गुरुवार को राज्यपाल व मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ राजभवन में बात चीत के बाद इस पर सहमति बन गयी है. हालांकि, मुख्यमंत्री की इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बतायी जा रही है.
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री रघुवर दास गुरुवार को विशेष रूप से राजभवन जाकर राज्यपाल से फ्लाइओवर के संबंध में बात की. हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है. मालूम हो कि राज्यपाल ने पूर्व में फ्लाइअोवर के लिए राजभवन की जमीन देने से इनकार कर दिया था.
राज्यपाल से मिलने गये मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव सुनील कुमार वर्णवाल व नगर विकास सचिव अजय कुमार सिंह को राज्यपाल ने स्पष्ट रूप से कहा था कि सरकार इस मामले में अन्य विकल्प तलाशे. अधिकारियों ने राज्यपाल को यह भी कहा कि 15 नवंबर 2017 को राज्य के स्थापना दिवस के मौके पर पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों हरमू फ्लाइओवर का ऑनलाइन शिलान्यास किया जा चुका है. अब राजभवन की ओर से जमीन नहीं मिलने पर फ्लाइअोवर निर्माण कार्य प्रभावित हो गया है.
एलपीएन शाहदेव चौक से कार्तिक उरांव चौक तक बनेगा
जुडको करेगा निर्माण
हरमू फ्लाइओवर का निर्माण झारखंड अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी (जुडको) द्वारा किया जाना है. फ्लाइअोवर बनने पर राजभवन के पिछले हिस्से से लगभग 56 फीट और नागाबाबा खटाल की तरफ से 40 फीट जमीन देने का अनुरोध किया गया था. नागाबाबा खटाल की तरफ से 40 फीट जमीन की मांग की गयी है. हरमू फ्लाइअोवर कांके रोड स्थित एलपीएन शाहदेव चौक से हरमू स्थित कार्तिक उरांव चौक तक बनाने का प्रस्ताव है.इसके लिए 240.056 डिसमिल सरकारी और 296.928 डिसमिल निजी जमीन की जरूरत बतायी गयी है.
रद्द हो चुका है वर्क ऑर्डर
हरमू फ्लाइओवर बनाने के लिए मेसर्स सुप्रीम इंफ्रा कंपनी को दिया गया वर्क ऑर्डर पहले ही रद्द कर दिया गया है. जुडको ने अप्रैल 2017 को 130 करोड़ से फ्लाइओवर बनाने के लिए मेसर्स सुप्रीम इंफ्रा कंपनी को वर्क ऑर्डर दिया था. इस कंपनी को पथ निर्माण विभाग ने पहले ही ब्लैक लिस्टेड कर दिया है. इसके बाद ही जुडको ने मार्च 2018 में वर्क ऑर्डर रद्द कर दिया.
