रांची विश्वविद्यालय के दो भवनों का राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने किया उदघाटन, कहा
रांची : लोगों को शिक्षित करने का मतलब सिर्फ डिग्री देना ही नहीं है. हमें अपने बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन सुलभ कराने हेतु निरंतर प्रयासरत रहना है. ये बातें सोमवार को मोरहाबादी स्थित रांची विवि के दो भवनों के उदघाटन के अवसर पर राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कही. इस अवसर पर रांची विवि के कुलपति डॉ रमेश कुमार पांडे, प्रति कुलपति डॉ कामिनी कुमार, कुलसचिव डॉ अमर कुमार चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.
अधिक से अधिक लोग उच्च शिक्षा ग्रहण करें : लीगल स्टडी सेंटर के उदघाटन के अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि मेरा मानना है कि अधिक से अधिक लोग उच्च शिक्षा ग्रहण करें. उन्हें ऐसी शिक्षा सुलभ हो कि वे निर्भय होकर प्रतियोगिता का सामना करें तथा अपने लिए सम्मानजनक रोजगार हासिल करें. इसके साथ ही वे अपनी कृति से शिक्षक व समाज का नाम रोशन करे. महामहिम ने कहा कि रांची विवि का यह दायित्व है कि वे हमारे विद्यार्थियों को निपुण एवं दक्ष बनायें.
उन्हें बढ़ावा दे, जहां कहीं भी हमारे ये विद्यार्थी रहें, अपने कार्य से सबका नाम रोशन करें. उन्होंने कहा कि मानविकी संकाय ब्लॉक बी के निर्माण से इस संकाय के विभागों को पर्याप्त स्थान उपलब्ध हो सकेगा. इसके साथ ही विभिन्न कोर्स प्रारंभ करने में सुविधा होगी. वहीं इस भवन में लैंग्वेज लैब की स्थापना की जा रही है, जिससे स्टूडेंट को स्पोकेन लैंग्वेज व टूटोरियल की सुविधा मिल सकेगी. छात्र हित में बहुत से निर्णय लिये गये हैं.
सहायक प्राध्यापक नियुक्ति को लेकर मानव शृंखला
लीगल स्टडी भवन का जब राज्यपाल उदघाटन कर रही थीं, उसी समय बाहर लेक्चरर नियुक्ति की त्रुटियों का विरोध करने वाले विद्यार्थियों ने गेट के बाहर मानव शृंखला बना रखी थी. सभी अपने हाथ में तख्ती लेकर शांति से खड़े थे. उन्होंने एक ज्ञापन भी तैयार किया था, जिसे राज्यपाल को देना था. लेकिन उदघाटन होने के बाद राज्यपाल अपने काफिले के साथ निकल गयीं.
विद्यार्थियों को मिली दो बिल्डिंग की सौगात
रांची विवि के मल्टीपरपज एग्जामिनेशन हॉल के बगल में बनाया गया मानविकी भवन बी को बनाने में 3.32 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. इसमें पीजी हिंदी, अंग्रेजी और फिलास्फी विभाग शिफ्ट होंगे. ये भवन तीन फ्लोर का है और प्रत्येक फ्लोर पर चार-चार क्लास रूम हैं.
वहीं, लीगल स्टडी भवन में पांच वर्षीय एलएलबी में विद्यार्थियों को ड्यूल डिग्री मिलेगी. तीन वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर बीबीए की डिग्री मिलेगी. यहां अपग्रेड किताबें भी रखी जायेंगी. इसके अलावा इस भवन में कंप्यूटर लैब, 289 क्षमता वाले सेमिनार हॉल, कांफ्रेस हॉल सहित मूट कोर्ट भी बनाया गया है.
