राज्यपाल से मुलाकात के बाद बोले बिशप थियोडोर मास्करेन्हास -क्या हम आतंकवादी हैं?
रोमन कैथोलिक चर्च के बिशपों ने राज्यपाल से की मुलाकात, दिया ज्ञापनईसाइयों को उनकी आस्था को लेकर निशाने पर लिया जा रहाईसाई एनजीओ से सीआइडी 24 घंटे में मांग रही एफसीआरए अकाउंट की जानकारी रांची : झारखंड के रोमन कैथोलिक चर्च के बिशपों ने शुक्रवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. उन्हें ईसाई समुदाय […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
रोमन कैथोलिक चर्च के बिशपों ने राज्यपाल से की मुलाकात, दिया ज्ञापन ईसाइयों को उनकी आस्था को लेकर निशाने पर लिया जा रहा ईसाई एनजीओ से सीआइडी 24 घंटे में मांग रही एफसीआरए अकाउंट की जानकारी
रांची : झारखंड के रोमन कैथोलिक चर्च के बिशपों ने शुक्रवार को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. उन्हें ईसाई समुदाय की चिंताओं से अवगत कराया. कहा कि ईसाइयों को उनकी आस्था के कारण निशाने पर लिया जा रहा है. उनके साथ अपराधियों की तरह बर्ताव हो रहा है़ राज्यपाल मामले का संज्ञान लें. अपने स्तर से यह सुनिश्चित करें कि मसीही बिना किसी परेशानी के, शांतिप्रिय समुदाय के रूप में हमेशा राष्ट्र सेवा, विशेष कर गरीबाें की सेवा कर सकें. बिशपों ने राज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा. इसकी प्रति केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को भी सौंपा. ज्ञापन में कहा है, सीआइडी के अफसर इन दिनों कई ईसाई एनजीओ में जाकर सिर्फ 24 घंटे में एफसीआरए अकाउंट की जानकारी मांग कर रहे हैं. जबकि हमारा हर एनजीओ, जो एफसीआरए के तहत पंजीकृत है, गृह मंत्रालय को नियमित रूप से अपनी ऑडिट रिपोर्ट देता है. इसे समय-समय पर सरकारी व अपनी वेबसाइट पर अपडेट करता है. हर रजिस्टर्ड सोसाइटी वार्षिक इनकम टैक्स रिटर्न भी भरती है. राज्य की सीआइडी इस तरह की छानबीन आश्चर्यजनक रूप से ऐसे समय में कर रही है, जब केंद्र सरकार ने सभी अकाउंट्स की छानबीन कर उन्हें स्वीकृति प्रदान कर उनका नवीनीकरण कर दिया है.
हमारा पूरा लेखा-जोखा पारदर्शिता के साथ : ज्ञापन में कहा गया है कि एफसीआरए की ओर से प्राप्त किये गये सारे फंड उन्हीं मद में खर्च किये जाते हैं, जो उद्देश्य ट्रस्ट या रजिस्टर्ड सोसाइटी के मेमोरेंडम में लिखा होता है. पूरा लेखा- जोखा पारदर्शिता के साथ रखा जाता है. हर एनजीओ एक स्वायत्त ट्रस्ट या चैरिटेबल सोसाइटी है. इसलिए सभी एनजीओ की एक साथ इसलिए जांच कराना, क्योंकि वे ईसाई हैं, अन्यायपूर्ण, अनुचित, गैर कानूनी व प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है. इतने बड़े पैमाने पर मनमाने ढंग से इतने ईसाई एनजीओ से जानकारी लेना चिंताजनक है. इन एनजीओ के कार्यकर्ता अनेक दशकों से धर्म, जाति या आस्था से ऊपर उठ कर नि:स्वार्थ भाव से मानवता की सेवा कर रहे हैं, पर उनके साथ अपराधियों की तरह बर्ताव हो रहा है़
राज्यपाल से मिले : प्रतिनिधमंडल में बिशप फेलिक्स टोप्पो, बिशप विंसेंट बरवा, बिशप पॉल लकड़ा, बिशप विनय कंडुलना, बिशप आनंद जोजो, बिशप तेलेस्फोर बिलुंग व सोसाइटी अॉफ जीसस के प्रोविंशियल फादर जोसफ मरियानुस कुजूर शामिल थे़
ज्ञापन में इनका भी हस्ताक्षर : ज्ञापन पर कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो, बिशप चार्ल्स सोरेंग, व कैथोलिक बिशप्स कांफ्रेंस आॅफ इंडिया के महासचिव बिशप थियोडोर मास्करेन्हास के भी हस्ताक्षर है़ं
राज्यपाल से मुलाकात के बाद बोले बिशप थियोडोर मास्करेन्हास -क्या हम आतंकवादी हैं?
रांची : राज्यपाल से मुलाकात के बाद बिशप थियोडोर मास्करेन्हास, बिशप फेलिक्स टोप्पो, बिशप तेलेस्फारे बिलुंग व फादर जोसफ मरियानुस कुजूर ने आर्चबिशप हाऊस में पत्रकारों से बातचीत की. बिशप थियोडोर ने कहा : हमसे लगातार सूचनाएं मांगी जा रही हैं. आतंकवादी निरोधी दस्ता, एटीएस भी जानकारियां मांग रहे हैं. क्या हम आतंकवादी हैं? पूरे ईसाई समुदाय का नाम खराब किया जा रहा है. एक- दो जगह मानवीय भूल संभव है. पर पूरे समुदाय को बदनाम करना क्या कोई सभ्य तरीका है? जो आरोप लगाते हैं, उन्हें सबूत देना चाहिए कि हम कैसे राष्ट्रदोही हैं. कम से कम कुछ प्रथम दृष्टया प्रमाण तो हो. फॉरेन फंड लेनेवालों में सिर्फ हमारे एनजीओ ही नहीं हैं. कई दूसरे भी सरकारी और विदेशी फंड लेते हैं. हम तो पूरी पारदर्शिता बरतते हैं, पर दूसरों की जांच क्यों नहीं हो रही है?
आदिवासियों के लिए आनेवाला फंड कहां जाता है? : उन्होंने सवाल उठाया कि आदिवासियों के लिए जो फंड आता है, वह कहां जाता है, इसकी जांच भी होनी चाहिए. कहा : आदिवासियों का, गरीबों का फंड कहां चला जाता है? दूसरे राज्य की सरकारों से मदद मिलती है, पर झारखंड में बस परेशानी आ रही है. हम इतने समय से शांति से जी रहे थे, अब क्यों एक- दूसरे के खिलाफ खड़ा किया जा रहा है? हम एक साथ रहना और देश को आगे बढ़ाना चाहते हैं.
भाजपा बोली:किस सच्चाई के सामने आने से परेशान हैं ईसाई धर्मगुरु
रांची : भाजपा ने कहा है कि बिशप काउंसिल के धर्म गुरुओं का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है. मिशनरियों को जान कर निशान बनाया जा रहा है, यह तथ्य से परे है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा : केंद्र व राज्य की सरकार सबका साथ सबका विकास पर विश्वास करती है. कानून सबके लिए बराबर है. मिशनरी ऑफ चैरिटी की ओर से प्रथम दृष्ट्या सैकड़ों बच्चों को बेचे जाने की खबरें सामने आयी हैं. इसकी जांच आवश्यक है. इतना बड़ा रैकेट सिर्फ दो कर्मचारियों के भरोसे नहीं चल सकता. सरकार के पास यह सूचनाएं आ रही थी, कुछ एनजीओ धर्म प्रचार के लिए पैसे का एक बड़ा हिस्सा राष्ट्र विरोधी तत्वों के हाथों में पहुंच रहे हैं. राज्य सरकार पूरे मामले की सीआइडी जांच करा रही है. उन्होंने कहा : धर्मगुरुओं को इस पर आपत्ति नहीं होनी चाहिए. सभी धर्म यही सिखाता है की सांच को आंच नहीं. फिर किस सच्चाई के सामने आने की चिंता से धर्मगुरु परेशान हो रहे हैं. राज्य सरकार किसी को जान-बूझकर निशाना नहीं बनाती, लेकिन गलत करनेवालों को छोड़ती भी नहीं है. जब सीआइडी की जांच चल रही हो, उस समय कभी बिशप थियोडोर मास्करेन्हास बयान देते हैं, तो कभी बिशप काउंिसल के धर्मगुरु. यह पुलिस जांच में हस्तक्षेप करने की साजिश है.
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