रांची : राजधानी रांची का बिरसा मुंडा हवाई अड्डा देश के उन विशिष्ट हवाई अड्डों में शामिल हो गया है, जहां से यात्रा करनेवाले यात्रियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है. पिछले तीन वर्षों के दौरान रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे से यात्रा करनेवाले यात्रियों की संख्या में 39.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई है. राज्यसभा सदस्य महेश पोद्दार के एक सवाल के जवाब में केेंद्रीय नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने दी.
श्री पोद्दार के सवाल के जवाब में केंद्रीय मंत्री श्री सिन्हा ने स्वीकार किया कि रांची से रायपुर, विशाखापत्तनम और नागपुर के लिए कोई सीधी उड़ान उपलब्ध नहीं है. उन्होंने बताया कि मार्च 1994 में वायु निगम अधिनियम के निरसन के साथ ही भारतीय विमानन क्षेत्र डिरेगुलेटेड हो गया है. अब एयरलाइंस किसी भी प्रकार के विमान की क्षमता निर्धारित करने, अपनी सेवाएं देने और प्रचालन के लिए किसी भी बाजार एवं नेटवर्क का चयन करने के लिए स्वतंत्र हैं.
रांची एयरपोर्ट से वर्षवार अंतरदेशीय यात्रा का ब्योरा
वर्ष यात्रियों की संख्या
2014-15 6.48 लाख
2015-16 7.34 लाख
2016-17 10.30 लाख
2017-18 17.72 लाख
बेहतर विनियमन की दृष्टि से गाइड लाइन जारी किये गये
केंद्रीय मंत्री ने श्री पोद्दार के सवाल का विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि वायुयान नियमावली 1937 के नियम 134 के उप नियम (1ए) के तहत देश के विभिन्न क्षेत्रों की हवाई परिवहन सेवा की आवश्यकता को ध्यान में रखकर बेहतर विनियमन की दृष्टि से गाइड लाइन जारी किये गये हैं. लेकिन, इसके बावजूद यह एयरलाइंस पर ही निर्भर करता है कि वे यातायात की मांग और कमर्शियल फिजिबिलिटी के आधार पर किसी खास स्थान पर अपनी सेवाएं प्रदान करें. एयरलाइंस सरकार के दिशा-निर्देश के हिसाब से काम कर रही हों, तो उन्हें किसी खास स्थान पर सेवा देने को मजबूर नहीं किया जा सकता.
