रांची : दूर-दराज के इलाके में भी यदि पुल-पुलिया आदि का निर्माण होता है, तो पक्का डायवर्सन बनाया जाता है. जबकि, राजधानी के बीचोबीच कांटाटोली में फ्लाइओवर के लिए पिलर बनाने का काम कच्चा डायवर्सन बनाकर किया जा रहा है. मंगल टावर से कांटाटोली चौक तक बने कच्चे डायवर्सन की हालत बरसात से दयनीय हो चुकी है. दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण इस कच्ची सड़क की हालत किसी जुते हुए खेत सी हो गयी है. रविवार को साइकिल व मोटरसाइकिल पर तथा पैदल चल रहे कई राहगीर यहां गिर पड़े. पैदल चल रहे बच्चों, महिलाअों व बुजुर्गों को तो भारी परेशानी हो रही है. फ्लाइओवर निर्माण की योजना महीनों से बन रही थी. पर लगातार व भारी ट्रैफिक वाले डायवर्सन को पक्का नहीं किया गया.
दो पिलर की हुई कास्टिंग : फ्लाइओवर के दो पिलरों की कास्टिंग रविवार के देर रात तक पूरी कर ली गयी. सोमवार से मोदी प्रोजेक्ट द्वारा दो शिफ्ट में काम शुरू किया जायेगा. दिन में पाइलिंग की जायेगी. अगर उसी दिन काम पूरा हो जाता है, तो रात में केज की कास्टिंग भी की जायेगी.
