इस हफ्ते छठी सिविल सेवा पीटी का संशोधित रिजल्ट जारी किया जायेगा

रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) छठी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का संशोधित रिजल्ट इस हफ्ते जारी कर देगा. इस संशोधित रिजल्ट से लगभग 34 हजार अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल जायेगा. संशोधित रिजल्ट झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में जारी किया जायेगा. यह निर्णय गुरुवार […]

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रांची : झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) छठी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का संशोधित रिजल्ट इस हफ्ते जारी कर देगा. इस संशोधित रिजल्ट से लगभग 34 हजार अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल जायेगा.
संशोधित रिजल्ट झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में जारी किया जायेगा. यह निर्णय गुरुवार को आयोग की उच्चस्तरीय बैठक में लिया गया है. बैठक में आयोग के दो सदस्यों के योगदान करने के बाद अध्यक्ष के विद्यासागर की अध्यक्षता में सदस्य डॉ सुखी उरांव व डॉ अजय कुमार चट्टोराज सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे.
जानकारी के अनुसार झारखंड हाइकोर्ट ने 18 मई को सरकार की उस अधिसूचना को सही करार दिया, जिसमें सामान्य वर्ग के लिए कट अॉफ मार्क्स 40 प्रतिशत, पिछड़े वर्ग के लिए 36.5 प्रतिशत, अति पिछड़े वर्ग के लिए 34 प्रतिशत, एससी व एसटी और महिलाओं के लिए 32 प्रतिशत निर्धारित किया था. कोर्ट ने जेपीएससी को इसी के अनुरूप संशोधित रिजल्ट निकालने का निर्देश दिया.
क्या है मामला : 326 पदों पर नियुक्ति के लिए छठी जेपीएससी की परीक्षा के लिए 2015 में विज्ञापन निकला. एक लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन दिया. आयोग ने 15 गुना के आधार पर 23 फरवरी 2016 को पहली बार प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट निकाला. इसमें कुल 5,138 उम्मीदवार सफल हुए थे.
इस पर पिछड़ी जाति के अभ्यर्थियों ने आपत्ति की. इसमें ज्यादा नंबर पानेवाले को असफल और कम नंबर पानेवाले के सफल घोषित किये जाने का विवाद हुआ. आयोग द्वारा प्रकाशित इस रिजल्ट को हाइकोर्ट में चुनौती दी गयी. इसमें यह दलील दी गयी कि प्रारंभिक परीक्षा में उन्हें 332 नंबर मिले हैं, पर उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए असफल घोषित कर दिया गया है. दूसरी तरफ 206 नंबर लाने वाले को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया है.
राज्य सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया और प्रारंभिक परीक्षा में रिक्त पदों के मुकाबले 15 गुना को सफल घोषित करने के नियम को बदल दिया. सरकार ने नये नियम में यह प्रावधान किया कि प्रारंभिक परीक्षा में सबसे कम नंबर लाने वाले सामान्य श्रेणी के अभ्यर्थी के बराबर नंबर लाने वाले आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को भी सफल माना जायेगा. हाइकोर्ट ने सरकार द्वारा नियम में किये गये इस संशोधन को स्वीकार किया. इसके बाद जेपीएससी ने दूसरी बार रिजल्ट निकाला. इसपर भी विवाद पैदा हो गया. मामला विधानसभा में उठा. सरकार ने दूसरी बार नियम में बदलाव करते हुए कट ऑफ मार्क्स कम कर दिया. इसे भी चुनौती दी गयी.
जिन पदों पर नियुक्ति होगी
सेवा रिक्त पद
प्रशासनिक सेवा 143
वित्त सेवा 104
शिक्षा सेवा 36
योजना सेवा 18
सहकारिता सेवा 09
सूचना सेवा 07
पुलिस सेवा 06
सामाजिक सुरक्षा सेवा 03
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