रिम्स के सीटीवीएस विभाग को अब तक नहीं मिला मैनपावर, मशीनें भी नहीं खरीदी गयीं
रांची : रिम्स के सुपरस्पेशियलिटी विंग के कार्डियेक थोरेसिक एंड वास्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग में साल भर पहले दो कार्डियेक सर्जन नियुक्त किये जा चुके हैं. लेकिन, मैनपावर और उपकरण के अभाव में हार्ट सर्जरी अब तक शुरू नहीं हो पायी है. वहीं, मॉड्यूलर ओटी के निर्माण का काम लंबे समय से चल रहा है. बीते साल दिसंबर में ही विभाग की ओर से आश्वासन दिया गया था कि मॉड्यूलर ओटी का निर्माण फरवरी 2018 में पूरा हो जायेगा और मार्च से यहां हार्ट की सर्जरी शुरू हो जायेगी. हालांकि, विभाग की ओर से तय की गयी डेडलाइन फेल हो गयी. यानी मॉड्यूलर ओटी का काम पूरा होने में ही करीब पांच महीने की देरी हो गयी.
इधर, मौन पावर का मामला फंसने के कारण अब तक नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू नहीं हो पायी है. ऐसे में जानकार कहते हैं कि सीटीवीएस विभाग में हार्ट की सर्जरी शुरू होने में कम से कम चार माह का समय और लग सकता है. फिलहाल, हार्ट लंग मशीन सहित विभिन्न उपकरणों के लिए निविदा निकाली गयी है, जिसकी प्रक्रिया इस माह दोबारा शुरू होगी. निविदा को पूरा करने और मशीनें मंगाने में ही कम से कम दो माह का समय लगेगा. मशीन आने के बाद एक माह इंस्टॉलेशन में लगेगा. ऐसे यह संभावना है कि हार्ट की सर्जरी शुरू होते-होते नवंबर आ जायेगा.
ट्रेंड नर्सें बहाल की जायेंगी
मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर में हार्ट सर्जरी के दौरान और आइसीयू में भर्ती मरीजों की देखरेख के लिए रिम्स की वर्तमान नर्सों को नहीं रखा जायेगा. इसके लिए कार्डियेक ट्रेंड नर्सों को नियुक्त करने की योजना बनायी गयी है. ये वैसी नर्सों होंगी, जिन्हें कार्डियेक इंस्टीट्यूट में कम से दो से पांच साल काम किया हो. इसके अलावा कार्डियेक एनेस्थेटिक, ओटी टेक्नीशियन, ओटी असिस्टेंट और परफ्युजनिस्ट की नियुक्ति का प्रस्ताव भी स्वास्थ्य विभाग को भेजा गया है.
माॅड्यूलर ओटी का काम पूरा हो गया है. कुछ बाकी है जो एक सप्ताह में हो जायेगा. इसके बाद ओटी हैंडओवर ले लिया जायेगा. हार्ट लंग मशीन व उपकरण की खरीद के साथ-साथ मैनपावर नियुक्ति की प्रक्रिया भी चल रही है.
डॉ अंशुल कुमार, विभागाध्यक्ष, सीटीवीएस, रिम्स
