रांची : मिशन चौक से आगे प्लाजा की ओर प्रतिबंधित मांस फेंके जाने के बाद दो समुदायों में उपजे विवाद को काबू करने के लिए रांची पुलिस के अलावा शहर के जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने सराहनीय भूमिका अदा की. इससे शहर को अशांत करनेवाले शैतानों के मंसूबे पर पानी फिर गया. दोनों ओर से हो रही पत्थरबाजी के कारण करीब तीन घंटे तक मिशन चौक से लेकर पुरुलिया रोड और कर्बला चौक तक अफरातफरी का माहौल रहा. इस तनाव के बची शहर के बुद्धिजीवियों ने सौहार्द्र कायम करने का भरसक प्रयास किया और इसमें वे सफल भी रहे.
रांची पुलिस व बुद्धिजीवियों ने शैतानों के मंसूबे पर पानी फेरा
रांची : मिशन चौक से आगे प्लाजा की ओर प्रतिबंधित मांस फेंके जाने के बाद दो समुदायों में उपजे विवाद को काबू करने के लिए रांची पुलिस के अलावा शहर के जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने सराहनीय भूमिका अदा की. इससे शहर को अशांत करनेवाले शैतानों के मंसूबे पर पानी फिर गया. दोनों ओर से हो […]

विवाद और पत्थरबाजी की सूचना पाकर शांति समिति के सदस्य और महाबीर मंडल के अध्यक्ष जय सिंह यादव, राजेश गुप्ता छोटू, झामुमो की नेता महुआ मांजी, ललित ओझा, कांग्रेस नेता आलोक दुबे समेत कई लोग पहुंचे. यहां पहुंचते ही इन लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश शुरू कर दी. लोगों को समझाया-बुझाया. जय सिंह यादव लोगों से बात कर रही रहे थे कि इसी दौरान एक पत्थर डीएसपी को लगी, वह जय सिंह के पास ही गिरे. पत्थरबाजी के बीच जय सिंह यादव और ललित ओझा दोनों ओर के लोगों को समझाने का प्रयास करते रहे.
उनलोगों ने शांति बहाल करने के लिए पत्थर से चोट लगने की भी चिंता नहीं की. जैसे-जैसे लोगों ने स्थिति संभला और दोनों पक्षों को पीछे धकेला. अन्य नेता भी लाेगाें काे समझाने बुझाने के लिए भागते-दौड़ते रहे. दोनों पक्षों के बीच पहुंचे. इन लोगों ने रांची का माहौल एक बार फिर से खराब होने से बचा लिया. भाजपा नेता मनोज मिश्रा भी घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे.