बोंगईगांव : झारखंड सरकार की सफल योजना पिंक ऑटो सर्विस अब असम में भी शुरू होगी. असम में महिलाओं के लिए महिलाओं द्वारा विशेष रूप से चलाए जाने वाले गुलाबी ऑटोरिक्शा का पहला बेड़ा तैयार है. बोंगईगांव शहर के परियोजना प्रबंधक कुसुम्बर चौधरी ने बताया कि ‘राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन’ के तहत पिछले हफ्ते यहां पहले बैच में आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की तेरह महिलाओं को गुलाबी ऑटोरिक्शा दिये गये हैं. उन्होंने बताया कि पहली बैच की ये महिलाएं एक स्वयं-सहायता समूह (एसएचजी) से आयी हुई हैं जिसमें अधिकतर महिलाएं विवाहित है. इन सभी को गुवाहाटी के ‘दिसपुर ड्राइविंग प्रशिक्षण स्कूल’ में वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया गया . उन्होंने बताया कि दो महीने के प्रशिक्षण के बाद उन्हें ऑटोरिक्शा प्रदान किया गया .
झारखंड की तर्ज पर अब असम की सड़कों में ”पिंक ऑटो”

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बोंगईगांव : झारखंड सरकार की सफल योजना पिंक ऑटो सर्विस अब असम में भी शुरू होगी. असम में महिलाओं के लिए महिलाओं द्वारा विशेष रूप से चलाए जाने वाले गुलाबी ऑटोरिक्शा का पहला बेड़ा तैयार है. बोंगईगांव शहर के परियोजना प्रबंधक कुसुम्बर चौधरी ने बताया कि ‘राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन’ के तहत पिछले हफ्ते यहां […]
उन्होंने कहा कि शुरुआत में ये महिलाएं सुबह से लेकर शाम छह बजे तक सड़कों पर ऑटो चलाएंगी और इस दौरान पोशाक के रूप में ये सलवार-कमीज पहनी रहेंगी. इसमें से दस ऑटो बोंगईगांव रिफाइनरी ने प्रदान किये हैं जबकि बाकी तीन की व्यवस्था एसएचजी ने राष्ट्रीयकृत बैंकों से ऋण लेकर की है. चौधरी ने बताया कि दिल्ली, मुंबई, सूरत, रांची और भुवनेश्वर जैसे शहरों में महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष रूप से गुलाबी ऑटोरिक्शा सेवा का परिचालन किया जाता है.