खूंटी पुलिस को क्यों दी गयी मोबाईल और व्हाट्सएप से दूर रहने की सलाह
रांची : उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) ने खूंटी पुलिस को निशाना बनाने की योजना बनायी है. पीएलएफआइ का उग्रवादी जीदन गुड़िया ने दस्ता सदस्यों को पुलिस पिकेट और कैंपों पर हमला करने को कहा है. इसके लिए दस्ता के लोग रेकी करने में लगे हैं. यात्रा कर रहे हैं, तो अपनी […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रांची : उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) ने खूंटी पुलिस को निशाना बनाने की योजना बनायी है. पीएलएफआइ का उग्रवादी जीदन गुड़िया ने दस्ता सदस्यों को पुलिस पिकेट और कैंपों पर हमला करने को कहा है. इसके लिए दस्ता के लोग रेकी करने में लगे हैं.
खुफिया की सूचना पर रांची रेंज के डीआइजी अमोल वेणुकांत होमकर ने खूंटी पुलिस को अलर्ट किया है. उन्होंने पुलिस कर्मियों को अकेले बाजार या किसी अन्य स्थान पर नहीं जाने की ताकीद की है. वहीं ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों खासकर संतरी को मोबाइल और वाट्सएप का उपयोग नहीं करने का निर्देश दिया है. इस संबंध में डीआइजी ने खूंटी एसपी को पत्र भी लिखा है.
पत्र में यह भी जिक्र किया गया है कि पीएलएफआइ का उग्रवादी अजय पूर्ति, प्रभु बोदरा और नोएल सांडी पूर्ति अपने दस्ते के साथ खूंटी के जोनोडीह, सुखनडीह, और दुलमी इलाके में सक्रिय है. उग्रवादी प्रभु बोदरा केवड़ा गांव में एक व्यक्ति की हत्या कर सकता है. डीआइजी ने पुलिस पिकेट और कैंपों में पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था करने के साथ ही लाइटिंग की व्यवस्था का भी निर्देश दिया है. डीएसपी रैंक के अफसर को पिकेट और कैंप की सुरक्षा का जायजा सप्ताह में एक दिन निश्चित तौर पर लेने को कहा है.