Ranchi News: 15 अगस्त 2026. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची के तत्वावधान में बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में जेल अदालत-सह-विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस अवसर पर जेल अदालत में 49 बंदियों के आवेदन पर सुनवाई की गयी. सुनवाई के बाद 10 बंदियों को जेल अदालत का लाभ प्रदान करते हुए रिहा कर दिया गया. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जेल से रिहाई मिलने पर संबंधित बंदियों के लिए यह दिन विशेष रहा.
15 बेंच का किया गया था गठन
जेल अदालत के सुचारू संचालन के लिए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी समेत न्यायिक दंडाधिकारियों के लिए कुल 15 बेंच का गठन किया गया था. इसमें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एसबी शर्मा, डालसा सचिव राकेश रौशन, न्यायिक दंडाधिकारी सार्थक शर्मा, भुपेश चंद्र समद, अभिषेक श्रीवास्तव, प्रशांत गुप्ता, नुमान आजम खान, प्रशांत कुमार वर्मा, सृष्टि कुमारी, अर्चना कुमारी, खुशबू त्यागी, रित्विका सिंह और रेलवे न्यायिक दंडाधिकारी विजय कुमार यादव शामिल थे. इसके अलावा, एलएडीसीएस के सदस्यगण, काराधीक्षक कुमार चंद्रशेखर, कारापाल लवकुश कुमार, बंदीगण, जेल के अन्य कर्मचारी और पीएलवी भी मौके पर मौजूद रहे.
49 बंदियों के आवेदन पर हुई सुनवाई
न्यायालयों में लंबित मामलों के निष्पादन के लिए बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार में मौजूद 49 बंदियों के आवेदन जेल अदालत के समक्ष प्रस्तुत किये गये थे. न्यायिक दंडाधिकारियों ने इन मामलों की सुनवाई की. सुनवाई के बाद 10 बंदियों को जेल अदालत का लाभ मिला और उन्हें रिहा कर दिया गया. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुई यह रिहाई कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही. जेल अदालत के माध्यम से पात्र बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत राहत उपलब्ध करायी गयी.
बंदियों को दी गयी विधिक अधिकारों की जानकारी
जेल अदालत के साथ विधिक जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया. इसमें उपस्थित न्यायिक दंडाधिकारियों ने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी दी. साथ ही राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया गया. बंदियों को डालसा के माध्यम से मिलने वाली निःशुल्क विधिक सहायता और अन्य सुविधाओं की जानकारी भी दी गयी.
भोजन की गुणवत्ता की हुई जांच
कार्यक्रम के दौरान मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एसबी शर्मा और डालसा सचिव राकेश रौशन ने बंदियों को दिये जाने वाले भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की. निरीक्षण के दौरान मिली कमियों को दूर करने के लिए जेल प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिये गये.
स्वास्थ्य जांच के लिए लगाया गया निःशुल्क कैंप
इसके बाद जेल परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर लगाया गया. इसमें बंदियों के स्वास्थ्य की जांच की गयी. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि समय-समय पर बंदियों के स्वास्थ्य की जांच होनी चाहिए, ताकि किसी गंभीर बीमारी की पहचान समय रहते की जा सके और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सके.
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साफ-सफाई और सुविधाओं पर भी दिया जोर
डालसा सचिव राकेश रौशन ने जेल परिसर में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात कही. उन्होंने बंदियों को डालसा, रांची के माध्यम से उपलब्ध करायी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी भी दी. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित जेल अदालत में न्यायिक मामलों की सुनवाई, 10 बंदियों की रिहाई, विधिक जागरूकता, भोजन की गुणवत्ता की जांच और स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्यक्रम हुए. इस आयोजन के जरिए बंदियों को कानूनी सहायता और उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ पात्र बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत राहत भी प्रदान की गयी.
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