पतरातू: उचरिंगा गांव में जमीन से जुड़े विवाद को लेकर रविवार को शिव मंदिर परिसर में ग्रामीणों की बैठक हुई.बैठक की अध्यक्षता तालाटांड़ पंचायत की मुखिया रिझन देवी ने व संचालन कटिया पंचायत के मुखिया किशोर कुमार महतो ने किया.
बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उचरिंगा मौजा की जमीन पर जमीन दलालों द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण का प्रयास किया जा रहा है.ग्रामीणों के अनुसार मिनी सर्वे 1961-62 में खाता संख्या 41 के कुल 29 प्लॉट, जिसका कुल रकबा 11 एकड़ 50 डिसमिल है, जमुना प्रसाद, पिता मथुरा प्रसाद के नाम दर्ज है.ग्रामीणों ने इस प्रविष्टि को गलत बताते हुए आपत्ति जताई.
ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व सर्वे 1909-10 एवं पंजी-2 में उचरिंगा मौजा के कई रैयतों के नाम दर्ज हैं और वे करीब एक सदी से संबंधित जमीन पर दखल-कब्जे में रहकर शांतिपूर्ण तरीके से खेती-बारी करते आ रहे हैं.साथ ही अंचल कार्यालय, पतरातू में नियमित रूप से लगान भी जमा करते रहे हैं.ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब पुराने सर्वे एवं पंजी-2 में रैयतों के नाम दर्ज हैं और उनके द्वारा लगातार लगान जमा किया जा रहा है, तो वर्ष 1961-62 के सर्वे में बिना स्पष्ट आधार के जमीन जमुना प्रसाद के नाम कैसे दर्ज हो गई.
ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक रैयतों के अधिकार एवं दखल-कब्जे की रक्षा करने की मांग की.जमीन विवाद को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है.बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं हुआ तो विवाद बढ़ सकता है.ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में सोमवार को पतरातू अंचलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की जांच कराने तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी.
बैठक में वकील महतो, कमालुद्दीन अंसारी, कोलेश्वर महतो, कामेश्वर महतो, डॉ लक्ष्मण साहू, अलीम अंसारी, छोटन महतो, सय्यूब अंसारी, लक्ष्मीकांत महतो, भुनेश्वर सिंह, शमशेर आलम, अरजलाल महतो, बालकिशन महतो, गोपाल महतो, आनंद महतो, बालेश्वर महतो, संतोष महतो, विजय महतो, कुलदीप सिंह, रामेश्वर सिंह, अशोक प्रसाद, बिल्टू महतो, तीर्थनाथ महतो, कृष्णा महतो, कार्तिक सिंह, शक्ति महतो सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे.
