शेख भिखारी और टिकैत उमरांव सिंह के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि समारोह

झारखंड के इतिहास में शेख भिखारी और टिकैत उमरांव सिंह का नाम अमर शहीदों की सूची में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है.

By VIKASH NATH | January 8, 2026 9:11 PM

नयी पीढ़ी को उनके योगदान से अवगत कराना जरूरी है रामगढ़. झारखंड के इतिहास में शेख भिखारी और टिकैत उमरांव सिंह का नाम अमर शहीदों की सूची में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है. 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में इन दोनों वीरों ने छोटानागपुर क्षेत्र में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंका. 8 जनवरी 1858 को चुटूपालू घाटी में अंग्रेजों ने इन्हें बरगद के पेड़ पर फांसी दी थी. हर वर्ष इस दिन विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठन उनके शहादत स्थल पर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. इस वर्ष भी गुरुवार को चुटूपालू स्थित शहीद स्थल पर अनेक संगठनों ने श्रद्धांजलि दी और उनके बलिदान को याद किया. आजसू पार्टी का श्रद्धांजलि कार्यक्रम आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो और गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने शहीद स्थल पर जाकर श्रद्धांजलि दी. सुदेश महतो ने कहा कि शेख भिखारी और टिकैत उमरांव ने अंग्रेजों की सप्लाई चेन को बाधित कर उन्हें कमजोर किया. उनका संघर्ष झारखंड के लोगों के लिए प्रेरणा है. सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि नई पीढ़ी को उनके योगदान से अवगत कराना जरूरी है. इस अवसर पर पूर्व विधायक डॉ. लंबोदर महतो, डॉ. देवशरण भगत, प्रवीण प्रभाकर, हसन अंसारी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे. कांग्रेस का श्रद्धांजलि समारोह कांग्रेस पार्टी ने भी शहीदों को नमन किया. रामगढ़ विधायक ममता देवी, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, कांके विधायक सुरेश बैठा और प्रदेश प्रवक्ता मो. रियाज अंसारी सहित कई नेताओं ने श्रद्धांजलि दी. विधायक ममता देवी ने कहा कि इन वीर सपूतों का बलिदान झारखंड के इतिहास में सदैव याद किया जाएगा. उनका त्याग और साहस हमें देश और समाज के लिए समर्पित रहने की प्रेरणा देता है. जेएलकेएम का आयोजन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) ने भी शहादत दिवस मनाया. केंद्रीय महासचिव संतोष चौधरी ने कहा कि शेख भिखारी और टिकैत उमरांव ने 1857 में क्रांति का बिगुल फूंका. प्रदेश मीडिया प्रभारी रमेश कुमार महतो ने बताया कि शेख भिखारी का जन्म ओरमांझी प्रखंड के खुदिया टोला में और टिकैत उमरांव का जन्म खटंगा गांव में हुआ था. कार्यक्रम में मुख्तार अंसारी, अब्बू सम्मा अंसारी, सतेंद्र महतो सहित अनेक लोग उपस्थित थे. भाकपा माले और आदिवासी संघर्ष मोर्चा भाकपा माले और आदिवासी संघर्ष मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने पटेल चौक से रैली निकालकर शहीद स्थल पर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी. राष्ट्रीय सह-संयोजक देवकीनंदन बेदिया, आरडी मांझी, सोहराय किस्कू, मनाराम मांझी और अन्य नेताओं ने कहा कि शेख भिखारी और टिकैत उमरांव ने ब्रिटिश उपनिवेशवाद के खिलाफ अदम्य साहस दिखाया. उनकी शहादत देश की आजादी की नींव है. मोमिन कॉन्फ्रेंस का आयोजन झारखंड प्रदेश मोमिन कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष आबिद अली के नेतृत्व में श्रद्धांजलि दी गई. वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दोनों ने कौमी एकता की मिसाल पेश की. इस अवसर पर रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया. अमानत अली, सगीर अंसारी, अयुब अली, मौलाना मोबिन रिजवी सहित अनेक लोग उपस्थित थे.

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