रामगढ़: रामगढ़ के पोटंगा पंचायत क्षेत्र में शुक्रवार की देर रात तीन जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया. हाथियों के अचानक गांव में घुसने से ग्रामीणों के बीच दहशत फैल गयी. हाथियों ने कई घरों की बाउंड्री, दीवार और सेटर को क्षतिग्रस्त कर दिया, वहीं खेतों में लगी मकई और बाजरा की फसल को रौंदकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया.
ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब एक बजे तीन हाथी गांव में प्रवेश कर गये. सबसे पहले हाथी जरजरा क्षेत्र में पहुंचे. इसके बाद झुंड आगे बढ़ते हुए पारगढ़ा की ओर चला गया. इस दौरान रास्ते में आने वाले खेतों और घरों को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया.
बाउंड्री और दीवार तोड़ी, सेटर भी किया क्षतिग्रस्त
हाथियों ने तनु प्रजापति के घर की बाउंड्री तोड़ दी. वहीं गणेश गंझू के घर के बगल की दीवार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. इसके अलावा महेश गंझू के सेटर को भी हाथियों ने तोड़ दिया.
अचानक गांव में हाथियों के पहुंचने से ग्रामीण अपने-अपने घरों में दुबक गये. पूरी रात लोग दहशत में रहे. ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों ने खेतों में लगी मकई और बाजरा की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया. किसानों के लिए यह नुकसान गंभीर है, क्योंकि खेती उनकी आय का प्रमुख साधन है.
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पारगढ़ा जंगल में छिपे होने की सूचना
ग्रामीणों के अनुसार, उत्पात मचाने के बाद तीनों हाथी पारगढ़ा जंगल की ओर चले गये. शनिवार दोपहर तक हाथियों के जंगल में ही होने की जानकारी ग्रामीणों को मिली. लगातार क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों को अपने घर और खेतों की सुरक्षा की चिंता सता रही है.
ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों के गांव में घुसने की सूचना के बावजूद शनिवार तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची. इससे ग्रामीणों में नाराजगी है. उन्होंने वन विभाग से तत्काल गांव और जंगल क्षेत्र में पहुंचकर हाथियों की निगरानी करने तथा उन्हें सुरक्षित तरीके से आबादी वाले क्षेत्र से दूर खदेड़ने की मांग की.
मुआवजे और सुरक्षा की मांग
ग्रामीणों ने हाथियों से क्षतिग्रस्त घरों और फसलों का स्थलीय निरीक्षण कर पीड़ित परिवारों और किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते हाथियों को आबादी वाले क्षेत्र से दूर नहीं किया गया, तो रात में वे दोबारा गांव में घुस सकते हैं. इससे जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ सकता है.
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने और गांव में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
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