गिद्दी. गिद्दी बस्ती के रैयत, विस्थापित व ग्रामीणों ने गिद्दी परियोजना पदाधिकारी को एक पत्र दिया है. पत्र में कहा गया है कि गिद्दी परियोजना खुलने व विस्तार के दौरान गिद्दी बस्ती के रैयतों की सैकड़ों एकड़ जमीन सीसीएल प्रबंधन ने अधिग्रहन किया था. इसके बदले अभी तक पूर्ण रूप से रैयतों को नौकरी, मुआवजा व पुनर्वास की व्यवस्था नहीं की गयी है. पत्र में कहा गया है कि कोलियरी विस्तार के दौरान वर्ष 2021 में सीसीएल प्रबंधन व रैयतों के बीच वार्ता हुई थी. रैयतों ने प्रबंधन के साथ सहमति बनाकर अपनी जमीन दी थी. इसके बाद वर्ष 2022 में प्रबंधन, रैयत व प्रशासन के बीच त्रिपक्षीय वार्ता हुई थी. उसमें तय हुआ था कि मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार व अन्य सुविधा रैयतों को दिया जायेगा. वैकल्पिक रोजगार के तौर पर गिद्दी रोड सेल चालू किया जायेगा. जिसका संचालन गिद्दी बस्ती के रैयत व विस्थापित करेंगे. प्रबंधन राजनीतिक दवाब में आकर रैयतों व विस्थापितों को रोजगार से वंचित करने का प्रयास कर रही है. जिससे गिद्दी बस्ती के रैयत व विस्थापितों में आक्रोश है. पत्र में चेतावनी दी गयी है कि रोड सेल बाधित किया जायेगा, तो गिद्दी कोलियरी का उत्पादन व ढुलाई कार्य नौ अप्रैल से बेमियादी बंद कर दिया जायेगा. जिसकी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी. पत्र देने वालों में मुखिया हीरालाल गंझू, सुनील गंझू, मनोज महली, विकास कुमार गंझू, राजेश साव, गणेश गंझू, गोविंद गंझू, महादेव गंझू, मानकी मांझी, महादेव मांझी, दिलीप मुंडा, यदुनंदन, शंकर करमाली, लक्ष्मीनारायण, बुधन गंझू, दीपक महली, सन्नी गंझू, मंटू मांझी, आशीष करमाली का नाम शामिल है.
..गिद्दी बस्ती के रैयतों ने गिद्दी पीओ को पत्र दिया, आंदोलन की चेतावनी
गिद्दी बस्ती के रैयत, विस्थापित व ग्रामीणों ने गिद्दी परियोजना पदाधिकारी को एक पत्र दिया है
