लाभुकों व ग्रामीणों ने सरकार व संबंधित विभाग से रेडी-टू-इट की आपूर्ति बहाल कराने की मांग की गिद्दी. डाड़ी प्रखंड के आंगनबाड़ी केंद्रों में पिछले दो माह से रेडी-टू-इट (पोषाहार) की आपूर्ति बंद है. इसका असर सैकड़ों गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के साथ-साथ किशोरियों तथा छह माह से लेकर तीन वर्ष तक के बच्चों पर पड़ रहा है. पोषाहार नहीं मिलने से लाभुकों में नाराजगी बढ़ रही है. आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े लाभुकों ने बताया कि हर माह नियमित रूप से मिलने वाला रेडी-टू-इट पिछले दो माह से नहीं मिल रहा है. इससे गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, किशोरियों व छोटे बच्चों को मिलने वाला अतिरिक्त पोषण प्रभावित हो रहा है. डाड़ी प्रखंड में 762 गर्भवती महिलाएं, 552 धात्री माताएं हैं. इसी तरह, किशोरियों व छोटे बच्चों की संख्या है. आंगनबाड़ी सेविकाओं का कहना है कि लाभुक लगातार पोषाहार की मांग कर रहे हैं, लेकिन आपूर्ति नहीं होने के कारण वितरण संभव नहीं हो पा रहा है. इससे केंद्रों पर आने वाले लाभुकों को निराश लौटना पड़ रहा है. लाभुकों व ग्रामीणों ने सरकार व संबंधित विभाग से रेडी-टू-इट की आपूर्ति बहाल कराने की मांग की है. राज्य स्तर से आपूर्ति नहीं होने के कारण वितरण प्रभावित है : इस संबंध में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा ने बताया कि रेडी-टू-इट की आपूर्ति बाधित होने की समस्या केवल डाड़ी प्रखंड में नहीं है, बल्कि पूरे झारखंड में यह स्थिति बनी हुई है. राज्य स्तर से आपूर्ति नहीं होने के कारण वितरण प्रभावित है.
दो माह से बंद है रेडी-टू-इट की आपूर्ति, गर्भवती महिलाओं से लेकर नौनिहालों तक प्रभावित
दो माह से बंद है रेडी-टू-इट की आपूर्ति, गर्भवती महिलाओं से लेकर नौनिहालों तक प्रभावित
