रामगढ़: महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रभावी क्रियान्वयन में रामगढ़ जिले ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में एक बार फिर राज्य स्तर पर पहला स्थान हासिल किया है. ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड सरकार की राज्य स्तरीय समीक्षा में मनरेगा के विभिन्न मॉड्यूल में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जिले को यह सम्मान मिला. रामगढ़ की ओर से परियोजना पदाधिकारी मनरेगा अनुजा राणा ने सम्मान ग्रहण किया. सम्मान ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार व मनरेगा आयुक्त मृत्युंजय कुमार बरनवाल ने प्रदान किया.
वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 25.34 लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य मिला था, जिसे रामगढ़ ने शत-प्रतिशत पूरा किया. जिले में कुल रोजगार का 53 प्रतिशत महिलाओं को मिला. वहीं, बिरसा सिंचाई कूप योजना के तहत 2021 कूपों का निर्माण कर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी गयी. मनरेगा मजदूरों की ई-केवाईसी शत-प्रतिशत पूरी की गयी. जिले ने 2529 लाभुकों को 100 दिनों का रोजगार देकर इस श्रेणी में राज्य में पहला स्थान प्राप्त किया. साथ ही मजदूरी का समय पर भुगतान भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया गया.
इस उपलब्धि पर उपायुक्त ऋतुराज एवं डीडीसी आशीष अग्रवाल ने मनरेगा से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मियों, तकनीकी पदाधिकारियों, रोजगार सेवकों, पंचायत प्रतिनिधियों व श्रमिकों को बधाई देते हुए इसे पूरी टीम के समर्पण, बेहतर योजना निर्माण व समयबद्ध क्रियान्वयन का परिणाम बताया. उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भी रामगढ़ जिला उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखेगा.
