पतरातू से अजय कुमार की रिपोर्ट
Ramgarh News: झारखंड में रामगढ़ जिले के पतरातू थर्मल हेसला स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में हिंदू नव वर्ष (विक्रम संवत) के अवसर पर गुरुवार को उत्साह और भक्ति के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान विद्यालय परिसर में पारंपरिक माहौल देखने को मिला और पूरे क्षेत्र में उत्सव की भावना छा गई. कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा निकाली गई भव्य प्रभात फेरी से हुई. प्रभात फेरी में वीर सावरकर घोष दल की देशभक्ति से ओत-प्रोत ध्वनियां गूंज रही थीं, जिससे वातावरण और भी ऊर्जावान बन गया.
छात्र-छात्राओं का मार्चपास्ट
छात्र-छात्राएं अनुशासित तरीके से मार्चपास्ट करते हुए हाथों में भगवा ध्वज लेकर आगे बढ़ रहे थे. पूरे रास्ते “हिंदू नव वर्ष अमर रहे” और “जय श्री राम” के गगनभेदी नारे वातावरण में गूंजते रहे.
नगरवासियों ने किया भव्य स्वागत
प्रभात फेरी विद्यालय परिसर से निकलकर नगर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी. इस दौरान स्थानीय लोगों ने जगह-जगह विद्यार्थियों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया. लोगों ने इस आयोजन की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और परंपरा से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया. इससे पूरे क्षेत्र में सकारात्मक और धार्मिक माहौल बना रहा.
प्रधानाचार्य ने बताया नव वर्ष का महत्व
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेंद्र कुमार पाठक ने विद्यार्थियों को संबोधित किया. उन्होंने हिंदू नव वर्ष के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह दिन भारतीय संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के नवजीवन का प्रतीक है. उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपनी जड़ों से जुड़े रहें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं.
विद्यार्थियों के लिए की गई विशेष व्यवस्था
लंबी पदयात्रा को ध्यान में रखते हुए विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी. रास्ते में बच्चों के लिए जूस और जलपान की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े. इस दौरान विद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षकेतर कर्मचारी भी उपस्थित रहे और कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान दिया.
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संस्कृति जागरूकता का दिया संदेश
इस आयोजन के माध्यम से विद्यालय परिवार ने समाज में भारतीय संस्कृति और पारंपरिक कैलेंडर के प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश दिया. प्रभात फेरी ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का भी कार्य किया.
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