रामगढ़. उपायुक्त ऋतुराज ने गुरुवार को समाहरणालय परिसर से चार टन आम की विशेष पैकेजिंग वाली खेप को हरी झंडी दिखा कर अंतरराष्ट्रीय बाजार दुबई के लिए रवाना किया. यह पहल झारखंड सरकार की बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत की गयी है. इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है. उपायुक्त ने कहा कि इस योजना के तहत पहले जो जमीन बंजर और अनुपयोगी मानी जाती थी, वह अब हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होकर उत्पादन दे रही है. जिला प्रशासन और महिला किसान एफपीओ के तकनीकी सहयोग से किसानों ने पौधरोपण से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक अपनी पहुंच बनायी है. यह जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है. उन्होंने बताया कि वैश्विक बाजार की मांग को देखते हुए आमों की उच्च स्तरीय ग्रेडिंग और आकर्षक पैकेजिंग की गयी है. लोकल उत्पादों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने से महिला किसानों की आय में काफी वृद्धि होगी. यह आम रामगढ़ जिले के दुलमी और गोला प्रखंड के किसानों द्वारा उत्पादित किये गये हैं. इस अवसर पर उप विकास आयुक्त आशीष अग्रवाल, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय रवींद्र कुमार गुप्ता, प्रभारी पदाधिकारी (सामान्य शाखा) रीना कुजूर, जिला योजना पदाधिकारी संतोष भगत, परियोजना पदाधिकारी अनुजा राणा, फणींद्र कुमार गुप्ता, अजीत कुमार, सहायक सांख्यिकी पदाधिकारी (मनरेगा) विजय कुमार, प्रगतिशील महिला किसान उपस्थित थे.
रामगढ़ से चार टन आम की खेप दुबई रवाना, बिरसा हरित ग्राम योजना को मिली बड़ी सफलता
रामगढ़ से चार टन आम की खेप दुबई रवाना, बिरसा हरित ग्राम योजना को मिली बड़ी सफलता
