रामगढ़ से भागीरथ महतो की रिपोर्ट
रामगढ़. श्री कृष्ण विद्या मंदिर में गणेश चतुर्थी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक चेतना के साथ मनाया गया. कार्यक्रम की शुरुआत एक विशेष प्रार्थना सभा से हुई. इसमें विघ्नहर्ता के चरणों में श्रद्धा के पुष्प अर्पित कर आरती की गयी.
विद्यार्थियों को बताया गया गणेश चतुर्थी का महत्व
प्रार्थना सभा के दौरान विद्यार्थियों को गणेश चतुर्थी के धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व से अवगत कराया गया. उन्हें बताया गया कि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक, ज्ञान, शुभारंभ एवं विघ्न विनाश के प्रतीक हैं.
मैदान में उभरी भगवान गणपति की विशाल आकृति
समारोह का सबसे मनोहारी एवं आकर्षक दृश्य विद्यालय के विशाल मैदान में देखने को मिला, जहां विभिन्न सदनों के बच्चों ने अद्भुत सामूहिक समन्वय तथा रचनात्मक कौशल का परिचय देते हुए स्वयं को इस प्रकार व्यवस्थित किया कि ऊपर से देखने पर छात्रों की एक लंबी श्रृंखला एक विशेष पैटर्न में व्यवस्थित की गई, जिससे भगवान गणपति की एक विशाल आकृति बनी.
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गीत और नृत्य से सजी सांस्कृतिक प्रस्तुति
उत्सव की सांस्कृतिक गरिमा को और अधिक मनोहारी बनाते हुए कक्षा छठी से आठवीं की छात्राओं ने गणपति गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया.
इस अवसर को विद्यार्थियों की प्रतिभा के सम्मान से भी जोड़ा गया. विगत दिनों आयोजित पेंटिंग एवं कार्ड मेकिंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नर्सरी से कक्षा पांचवीं तक के बच्चों को विद्यालय की प्राचार्या गुरप्रीत कौर, उप प्रधानाचार्य विजय तिवारी तथा अन्य वरिष्ठ शिक्षकों द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया.
ज्ञान, संस्कार और सद्भाव का दिया संदेश
विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष अधिवक्ता आनंद अग्रवाल ने सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिस प्रकार विद्यार्थियों ने एकजुट होकर गणपति की विराट आकृति साकार की है, उसी प्रकार सभी को ज्ञान, संस्कार और सद्भाव के माध्यम से विद्यालय एवं समाज को और अधिक सुंदर बनाने का प्रयास करना चाहिए.
फोटो कैप्शन : गणपति गीत पर नृत्य प्रस्तुत करती छात्राएं. | Prabhat Khabar Network
फोटो कैप्शन : गणपति गीत पर नृत्य प्रस्तुत करती छात्राएं. | Prabhat Khabar Network
