रामगढ़. उपायुक्त रामगढ़ ऋतुराज के निर्देश पर जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ लाल बिहारी प्रसाद ने जिले में पशुपालन व कृषि आधारित आजीविका को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न प्रखंडों का निरीक्षण कर योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया. मांडू प्रखंड के मांडूडीह, मांडूचट्टी, मुरपा व तापीन पंचायत के 14 लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण किया गया.
उत्पादन एवं उपयोग के महत्व के बारे में बताया
इनमें 11 लाभुकों को ब्रायलर कुक्कुट योजना व तीन लाभुकों को लेयर कुक्कुट योजना के तहत परिसंपत्ति उपलब्ध कराई गई. लाभुकों को योजना के उद्देश्य व कुक्कुट पालन से आय बढ़ाने की जानकारी दी गई. वहीं, दुलमी प्रखंड के होहद, सिकनी, होन्हे व बूढाखुखरा गांव में 15 लाभुकों द्वारा निर्मित वर्मी कंपोस्ट यूनिट का निरीक्षण किया गया. इस दौरान वर्मी कंपोस्ट उत्पादन की जानकारी लेते हुए जैविक खाद के उत्पादन एवं उपयोग के महत्व के बारे में बताया गया.
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वर्मी कंपोस्ट प्रशिक्षण में भाग लेने की अपील
जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ लाल बिहारी प्रसाद ने लाभुकों से वर्मी कंपोस्ट प्रशिक्षण में भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि वर्मी कंपोस्ट से जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आय में भी वृद्धि की जा सकती है. उन्होंने लाभुकों को योजनाओं का बेहतर संचालन कर अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया. उपायुक्त ऋतुराज के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा पशुपालन, कृषि व संबद्ध गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार व आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है.
