चितरपुर. दारूल कजा इमारत शरिया चितरपुर के काजी-ए-शरीयत काजी कलीम उल्लाह मजहर कासमी ने बयान जारी कर कहा है कि सदका-ए-फितर हर उस मुसलमान पर वाजिब है, जिसके पास ईद के दिन बुनियादी जरूरतों और कर्ज से अलग निर्धारित मात्रा में संपत्ति मौजूद हो. उन्होंने स्पष्ट किया कि साढ़े सात तोला (87 ग्राम 480 मिलीग्राम) सोना या साढ़े बावन तोला (612 ग्राम 360 मिलीग्राम) चांदी, अथवा इनमें से किसी एक के बराबर मूल्य की संपत्ति रखने वाले व्यक्ति पर अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की ओर से ईद की नमाज से पहले सदका-ए-फितर अदा करना अनिवार्य है. उन्होंने बताया कि प्रति व्यक्ति सदका-ए-फितर की मात्रा एक सा (करीब 1 किलो 692 ग्राम) गेहूं या आटा से तथा खजूर, किशमिश, जौ या पनीर से तीन सा (करीब 3 किलो 384 ग्राम) निर्धारित है. रामगढ़ जिला और आस-पास के क्षेत्रों में गेहूं की मौजूदा औसत कीमत को देखते हुए वर्ष 2026 में नगद अदा करने की स्थिति में प्रति व्यक्ति कम से कम 65 रुपये देना चाहिए. उन्होंने अपील की कि साहिब-ए-हैसियत लोग बेहतर गुणवत्ता की वस्तुओं से फितर अदा करें, ताकि गरीब और जरूरतमंद लोगों को अधिक लाभ मिल सके.
सदका-ए-फितर कम से कम 65 रुपये अदा करें : इमारत शरिया
दारूल कजा इमारत शरिया चितरपुर के काजी-ए-शरीयत काजी कलीम उल्लाह मजहर कासमी ने बयान जारी कर कहा है कि सदका-ए-फितर हर उस मुसलमान पर वाजिब है, जिसके पास ईद के दिन बुनियादी जरूरतों और कर्ज से अलग निर्धारित मात्रा में संपत्ति मौजूद हो.
