पतरातू : भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी पतरातू अंचल परिषद और एनटीपीसी मजदूर यूनियन एटक पीवीयूएनएल शाखा पतरातू की ओर से रविवार को विरोध मार्च निकाला गया. यह मार्च केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित खान व खनिज विकास संशोधन अधिनियम 2026 के विरोध में निकाला गया. यूनियन ऑफिस पीटीपीएस से निकला मार्च कटिया चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया. इसके बाद प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया गया.
विरोध मार्च के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. कार्यकर्ताओं ने जल, जंगल, जमीन बचाना है, काला कानून रद्द करो, खनिज संशोधन बिल वापस लो और राज्यों का अधिकार छीनना बंद करो समेत कई नारे लगाये. सभा में खान एवं खनिज विकास संशोधन अधिनियम 2026 को रद्द करने की मांग की गयी. ये भी पढ़ें: रोटरी क्लब ऑफ कोडरमा की 68वीं पदस्थापना, नवीन कुमार आर्या ने संभाली अध्यक्ष की कमान
राज्यों के अधिकार छीनने का आरोप
भाकपा पतरातू अंचल सचिव सह एनटीपीसी मजदूर यूनियन एटक पीवीयूएनएल शाखा सचिव मनोज कुमार महतो ने कहा कि खान एवं खनिज अधिनियम 2026 से राज्यों के अधिकार प्रभावित होंगे. उन्होंने कहा कि झारखंड देश को 40 प्रतिशत खनिज देता है और कानून लागू होने से राज्य को लगभग 13 हजार करोड़ रुपये का सालाना घाटा होगा. उन्होंने इसे झारखंड के अस्तित्व पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार पर आदिवासी-मूलवासी के संवैधानिक अधिकार छीनने तथा खान-खदान कॉरपोरेट के हाथों में सौंपने का आरोप लगाया.
पुतला दहन कार्यक्रम में इन लोगों की रही मौजूदगी
पुतला दहन कार्यक्रम में मनोज कुमार महतो, मनोज पहन, नरेश बेदिया, प्रदीप सिंह, सतनारायण सिंह, आनंद सिंह, किशोर महतो, ओमप्रकाश साहू, देवेंद्र कुमार साहू, जल उरांव, भगत महतो, फुलेश्वर बेड़िया, सुशील उरांव, मुकुंद महतो, रामप्रीत मांझी, फुलेश्वर गंजू, जगन्नाथ महतो, गुलशन उरांव, संदीप ठाकुर, विक्की कुमार, सुरेंद्र महतो, सत्यानंद मुख्य रूप से शामिल थे.
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