दुलमी. दुलमी प्रखंड के दुठूवा गांव में आयोजित एक दिवसीय सत्संग कार्यक्रम के दौरान दहेज-मुक्त और सादगीपूर्ण विवाह संपन्न कर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया गया. विवाह समारोह में न तो बारात निकाली गयी और न ही तिलक-दहेज का कोई लेन-देन हुआ. सत्संग के दौरान रांची जिले के बुंडू प्रखंड निवासी माधव मुंडा और रामगढ़ जिले के सुगिया गांव निवासी रूबी कुमारी विवाह सूत्र में बंधे. विवाह की सभी रस्में संत रामपाल जी महाराज द्वारा बतायी गयी विवाह पद्धति के अनुसार संपन्न करायी गयीं. इस अवसर पर गुरु वाणी असुर निकंदन रमैनी का पाठ भी किया गया. आयोजकों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी समय-समय पर दहेज प्रथा, नशाखोरी, जातिवाद और अन्य सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाते हैं. नवविवाहित जोड़े ने युवाओं से सादगीपूर्ण विवाह अपनाने और समाज से कुरीतियों को समाप्त करने में सहयोग देने की अपील की.
एक दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का आयोजन
एक दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का आयोजन
