विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा की बैठक पतरातू. हेसला पंचायत में रविवार को विस्थापित प्रभावित संघर्ष मोर्चा की बैठक आदित्य नारायण प्रसाद की अध्यक्षता में हुई. बैठक में हेसला पंचायत की जमीन के मुद्दे पर चर्चा की गयी. कहा गया कि जमीन का अधिग्रहण 1961- 62 में होने की बात कही गयी है, लेकिन अभी तक यहां के विस्थापितों को मुआवजा और फिर से आवास भी नहीं मिला है. यहां के लोग खेती कर अपनी जीविका चला रहे हैं. कुछ लोग यहां पूर्व से बने आवासों में रह रहे हैं. अब लोगों को 12 फरवरी के उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए जगह खाली करने को कहा गया है, जबकि उच्च न्यायालय का ऐसा कोई आदेश नहीं है. उच्च न्यायालय ने केवल यह निर्देश दिया है कि हेसला की जमीन राज्य सरकार के अधीन है. इसे खाली कराना या न कराना राज्य सरकार की इच्छा पर है. अतिक्रमण के नाम पर लोगों को उजाड़ने वाली प्रशासनिक टीम का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर लोगों को हटाया जा रहा है. लोगों ने कहा कि हेसला के रैयतों ने कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है. इसके आलोक में कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है. सरकार अब तक ऐसा कोई दस्तावेज उपलब्ध नहीं करायी है. प्रशासन बार-बार कह रहा है कि जमीन जियाडा को ट्रांसफर हो गयी है. निर्णय हुआ कि हेसला पंचायत को उजड़ने से बचाने के लिए क्षेत्र आंदोलन किया जायेगा. क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने पंचायत के लोगों के साथ छल किया है. ऐसे जनप्रतिनिधियों का भी विरोध किया जायेगा. बैठक में कयूम अंसारी, मो अलीम, कौलेश्वर महतो, मन्नू मुंडा, अशोक महतो, शंकर मुंडा, लालू पहन, रिंकू देवी, पार्वती देवी, अनीता देवी, रेणु देवी, निधि देवी, सुनीता कुमारी, गीता देवी, तारा देवी, संतू सोरेन, संगीता देवी, रेखा देवी, अनीता देवी, निर्मला देवी, सरिता देवी, उपेंद्र रजक, बीगन कुमार, मुनेश शाह, पुष्पा मान, उर्मिला देवी, सतीश करमाली, सुनील कुमार चौधरी, संतोष ठाकुर, वाल्मीकि यादव, प्रदीप महतो उपस्थित थे.
::::बिना मुआवजा हेसला की जमीन खाली करा रही सरकार : मोर्चा
बिना मुआवजा हेसला की जमीन खाली करा रही सरकार : मोर्चा
