रामगढ़: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने केंद्र सरकार पर झारखंड के खनिज संसाधनों से मिलने वाले अधिकारों को छीनने की साजिश का आरोप लगाते हुए बड़े आंदोलन का ऐलान किया है. रविवार को जिला कार्यालय रामगढ़ में झामुमो जिला कार्यकारिणी की बैठक आयोजित हुई, जिसमें आगे की रणनीति तय की गई. बैठक जिला संयोजक मंडली प्रमुख बिनोद किस्कु की अध्यक्षता में हुई, जबकि संचालन पूर्व प्रवक्ता संतोष कुमार ने किया.
बैठक में मुख्य रूप से 12 और 13 अगस्त को लोकसभा और राज्यसभा में लाए गए उस विधेयक पर चर्चा हुई, जिसे झामुमो ने “काला कानून” करार दिया. पार्टी का आरोप है कि इस विधेयक के जरिए झारखंड सरकार को मिलने वाले खनिज राजस्व को बंद करने की साजिश रची जा रही है.
4 अगस्त से 31 अगस्त तक जनजागरण अभियान
झामुमो ने साफ कहा कि इस फैसले के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा. इसके तहत 24 अगस्त से 31 अगस्त तक जनजागरण अभियान चलाया जाएगा. इसके बाद सात सितंबर को सभी प्रखंडों में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा.
पार्टी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार यह कानून वापस नहीं लेती है, तो आंदोलन को और तेज करते हुए उलगुलान किया जाएगा और यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता.
बैठक में कई झामुमो कार्यकर्ता मौजूद रहे
बैठक में जिला पूर्व उपाध्यक्ष आजाद अंसारी, राजेंद्र बेदिया, योगेंद्र यादव, अरुण बनर्जी, किशोर मोदक, कमलेश पांडेय, अंसारी, शिवलाल हांसदा, सकलदेव करमाली, मुमताज मंसूरी, जग्गू करमाली, बिट्टू खान, सुशील कुमार, मिंटू खान, सतीश मुर्मू, मो फखरुद्दीन, नरेश हसदा, रामविलास करमाली सहित बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता मौजूद थे.
ये भी पढ़ें: हजारीबाग: झारखंड के खनिज और अधिकारों की लड़ाई तेज करेगी कांग्रेस, इको सेंसिटिव जोन के 218 गांवों का मुद्दा उठाया
