60 वर्ष पुराने जर्जर क्वार्टर में रहने को मजबूर हैं सीसीएल कर्मी

60 वर्ष पुराने जर्जर क्वार्टर में रहने को मजबूर हैं सीसीएल कर्मी

सीसीएल के सर्वे ऑफ क्वार्टर में हो सकती है कभी भी दुर्घटना. ::::प्रबंधन से कई बार क्वार्टर की मरम्मत कराने की मांग की गयी, लेकिल नहीं हुई पहल वकील चौहान, केदला झारखंड उत्खनन परियोजना के लइयो चौक स्थित बंद डिस्पेंसरी के समीप बने सीसीएल क्वार्टर सर्वे ऑफ हो गया है. वर्तमान में इसमें आठ से दस सीसीएल कर्मी और दस से बारह गैर सीसीएल कर्मी के परिवार के लोग रहते हैं. बताया जाता है कि यहां कुल लगभग 60 से 70 लोग रहते हैं. क्वार्टर के अधिकांश भवन करीब 60 वर्ष से अधिक पुराने हो गये हैं. कुछ क्वार्टर के ऊपर बड़े-बड़े पौधे निकल गये हैं. छत और चहारदीवारी जर्जर है. इस संबंध में क्वार्टर में रहे सीसीएल कर्मी व गैर सीसीएल कर्मियों ने बताया कि लइयो क्षेत्र का क्वार्टर काफी पुराना है. क्वार्टर मरम्मत के अभाव में सर्वे ऑफ हो गया है. डिस्पेंसरी के पास के क्वार्टर पूरी तरह से जर्जर हैं. लोगों ने कहा कि प्रबंधन से कई बार क्वार्टर की मरम्मत कराने की मांग की गयी, लेकिल प्रबंधन ने इस ओर ध्यान नहीं दिया. कर्मियों ने बताया कि सीसीएल प्रबंधन से कई बार दूसरा क्वार्टर देने की मांग की गयी, लेकिन क्वार्टर नहीं मिला. प्रबंधन के उदासीन रवैये के कारण सीसीएल कर्मी का जान जोखिम में है. प्रबंधन के प्रति लोगों में नाराजगी है. कर्मियों ने कहा कि सीसीएल अपने कामगारों के प्रति गंभीर नहीं है. जब बड़ा हादसा होगा, तो सीसीएल अधिकारी की नींद खुलेगी. मामले की जांच करा कर उठाया जायेगा उचित कदम : इस संबंध में पीओ मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि मामले की जांच कर तत्काल उचित कदम उठाया जायेगा. अखिल झारखंड कोयला श्रमिक संघ के यूनियन नेता मदन महतो ने कहा कि इस मामले में पीओ व जीएम की ओर ध्यान आकर्षित कराया जायेगा.

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Published by: Saroj tiwary

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