कुजू से धनेश्वर और प्रदीप की रिपोर्ट
कुजू(रामगढ़). मणिपाल इंटरनेशनल स्कूल भरेचनगर में सोमवार को हिंदी दिवस के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. हिंदी के प्रति सम्मान और अपनी मातृभाषा से जुड़ाव का भाव कार्यक्रम में साफ नजर आया. विद्यार्थियों ने हिंदी के महत्व पर अपने विचार रखे और भाषा को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश दिया.
हिंदी हमारी संस्कृति और सामाजिक एकता की पहचान
विद्यालय के निदेशक गया प्रसाद रॉय ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को हिंदी दिवस और गणेश पूजा की शुभकामनाएं दी. उन्होंने कहा कि हिंदी केवल बोलने और लिखने की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदनाओं और सामाजिक एकता की पहचान है. अपनी भाषा के प्रति सम्मान हमारी जड़ों से जुड़े रहने का भाव पैदा करता है. विद्यार्थियों को हिंदी का अधिक से अधिक प्रयोग करते हुए इसके गौरव को आगे बढ़ाना चाहिए.
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हिंदी के प्रति लगाव बनाए रखने के लिए किया प्रेरित
वरिष्ठ शिक्षिका संध्या पाठक ने हिंदी दिवस की शुभकामनाएं देते हुए विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति लगाव बनाए रखने के लिए प्रेरित किया. कुमारी रेखा ने हिंदी की उपयोगिता और भारतीय संस्कृति में उसके योगदान पर प्रकाश डाला. अन्नू कुमारी ने भी विद्यार्थियों को हिंदी के प्रति प्रेम और सम्मान बनाए रखने का संदेश दिया.
छात्राओं ने हिंदी दिवस पर रखे अपने विचार
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं में सिद्धि कुमारी, अदीफा हैदर, शिवांगी झा एवं अमूल वारा ने हिंदी दिवस के विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए. विद्यार्थियों ने अपने शब्दों में हिंदी की विशेषता और जीवन में उसके महत्व को सामने रखा. उनकी प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को भावपूर्ण और प्रेरणादायक बना दिया.
हिंदी के संरक्षण और सम्मान का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम का संचालन संध्या पाठक ने किया. समापन के अवसर पर विद्यार्थियों को हिंदी के संरक्षण, सम्मान और दैनिक जीवन में अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प दिलाया गया. विद्यालय परिवार ने सभी को हिंदी दिवस की शुभकामनाएं दी.
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