पतरातू से अजय तिवारी की रिपोर्ट
Ramgarh News: रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत हेसला पंचायत स्थित पीटीपीएस कॉलोनी परिसर की 222.26 एकड़ जमीन को सरकार द्वारा जियाडा को हस्तांतरित किए जाने और उसमें से 40 एकड़ भूमि वरुण बेवरेज को आवंटित करने के फैसले के खिलाफ गुरुवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. इस फैसले के बाद स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ता गया, जो आखिरकार सड़क पर उग्र आंदोलन के रूप में सामने आया.
प्रशासन की कार्रवाई और बढ़ा तनाव
प्रशासन जब पुलिस बल के साथ क्षेत्र में आवास खाली कराने पहुंचा, तो हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए. बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी. प्रशासन की इस कार्रवाई को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला.
महिलाओं-बच्चों की भागीदारी
प्रदर्शन में महिला, पुरुष और बच्चों समेत सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए. सभी लोग पटेल चौक पर जमा होकर अपने अधिकारों की मांग करने लगे. लोगों का कहना था कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और अचानक उन्हें बेदखल करना अन्यायपूर्ण है.
वार्ता विफल, सड़क जाम
अंचलाधिकारी के साथ स्थानीय लोगों की वार्ता भी हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका. लोगों ने साफ शब्दों में कहा कि वे किसी भी हालत में अपने घर खाली नहीं करेंगे. वार्ता विफल होने के बाद आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने पतरातू-रांची मुख्य सड़क को जाम कर दिया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.
हाईकोर्ट के आदेश का हवाला
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हाईकोर्ट द्वारा कुछ आवासों को इस अभियान से मुक्त रखने का निर्देश दिया गया है. इसके बावजूद प्रशासन जबरन लोगों को हटाने की कोशिश कर रहा है. इसी को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है और वे इसे न्यायालय की अवमानना बता रहे हैं.
टायर जलाकर जताया विरोध
आक्रोशित लोगों ने सड़क पर टायर जलाकर अपना विरोध जताया. इससे पूरे इलाके में धुआं फैल गया और माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया. प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया.
भारी पुलिस बल तैनात, हल्का बल प्रयोग
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया है. बताया जा रहा है कि हालात को काबू में करने के लिए पुलिस द्वारा बीच-बीच में हल्का बल प्रयोग भी किया गया. हालांकि प्रशासन का कहना है कि स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की कोशिश की जा रही है.
दोनों पक्षों में गतिरोध कायम
समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था और प्रशासन तथा स्थानीय लोगों के बीच गतिरोध बना हुआ था. विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों का समर्थन कर रहे हैं. इससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया है.
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आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
स्थानीय लोगों ने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जातीं, वे आंदोलन जारी रखेंगे. उनका कहना है कि वे अपने घरों और जमीन को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे. फिलहाल पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है.
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