रजरप्पा से सुरेंद्र कुमार की रिपोर्ट
रजरप्पा : चितरपुर-रजरप्पा मंदिर मार्ग के जनियामारा जंगल के समीप 22 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने से श्रद्धालुओं, दुकानदारों और आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है. शनिवार और रविवार को हाथियों का झुंड रजरप्पा मंदिर से करीब एक किलोमीटर पूर्व स्थित स्वागत तोरण द्वार के समीप से गुजरता देखा गया. इसके बाद से झुंड जनियामारा जंगल में ही विचरण कर रहा है.
हाथियों के मुख्य मार्ग में पहुंचने से भुचूंगडीह सहित आसपास के क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गयी है. रजरप्पा स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां छिन्नमस्तिके मंदिर में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं. सावन के कारण इन दिनों मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या भी काफी अधिक है.
ऐसे में मंदिर पहुंचने वाले मुख्य मार्ग के समीप हाथियों के झुंड की मौजूदगी से किसी अप्रिय घटना की आशंका बनी हुई है. ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना देकर हाथियों को आबादी और मुख्य मार्ग से दूर सुरक्षित स्थान की ओर खदेड़ने की मांग की है.
पिछले वर्ष हाथी ने ली थी एक व्यक्ति की जान
जनियामारा क्षेत्र में हाथियों का विचरण ग्रामीणों के लिए पहले भी परेशानी का कारण रहा है. 29 अगस्त 2025 को जंगली हाथियों ने जनियामारा के समीप गोला प्रखंड के मुरपा निवासी मुस्ताक अंसारी (52 वर्ष) को पटककर मार डाला था. इस घटना के बाद अब एक बार फिर हाथियों का बड़ा झुंड पहुंचने से ग्रामीणों में भय बढ़ गया है. लोगों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने की मांग की है.
22 हाथियों के झुंड में कई शावक भी शामिल
वन विभाग के प्रधान वनरक्षी शंकर उरांव ने बताया कि हाथियों के विचरण की सूचना मिलते ही एलिफेंट क्यूआरटी टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया. 22 हाथियों के झुंड में कई शावक भी शामिल हैं. फिलहाल हाथियों का झुंड जनियामारा जंगल में भैरवी नदी के किनारे मौजूद है.
वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है. उन्होंने आम लोगों से जंगल की ओर नहीं जाने की अपील की. साथ ही रजरप्पा मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और चितरपुर-रजरप्पा मार्ग से गुजरने वाले लोगों से सावधानीपूर्वक आवागमन करने को कहा है. वन विभाग की टीम हाथियों को सुरक्षित दिशा में ले जाने के लिए उनकी गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही है.
