कांकेबार गांव में हाथियों का उत्पात, फसल व मकानों को पहुंचाया नुकसान
कांकेबार गांव में हाथियों का उत्पात, फसल व मकानों को पहुंचाया नुकसान
ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से गांव में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की :::क्षतिग्रस्त फसलों और मकानों के लिए शीघ्र क्षतिपूर्ति मुआवजा देने की पहल हो रामगढ़. रामगढ़ के कांकेबार गांव में गुरुवार की रात हाथियों ने उत्पात मचाया. हाथियों की गतिविधियों से लोग दहशत में हैं. हाथियों ने चंदू महतो, मुकेश महतो व मेघनाथ महतो के खेत में लगी फसलों को भी नुकसान पहुंचाया. खेतों में तैयार फसलों को हाथियों ने खा लिया. कई हिस्सों को नष्ट कर दिया. इससे संबंधित किसानों को आर्थिक क्षति हुई है. हाथियों के उत्पात से फसलों के साथ आवासीय संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है. हाथियों ने चंदन महतो के घर की दीवार को तोड़ दिया. नुनूलाल महतो के घर का दरवाजा भी क्षतिग्रस्त कर दिया. ग्रामीण योगेंद्र ने बताया कि गांव के बगल स्थित जंगल में हाथियों का झुंड पिछले लगभग एक माह से डेरा डाले हुए है. इस दौरान कई बार हाथियों की आवाजाही गांव की ओर होती रही है. वन विभाग ने हाथियों को जंगल की ओर भगाने के लिए कई बार प्रयास किया, लेकिन पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण हाथियों को कांकेबार के जंगल से बाहर नहीं निकाला जा सका है. ग्रामीणों ने बताया कि लगातार हाथियों की मौजूदगी के कारण उन्हें रात में पहरा देना पड़ रहा है. वन विभाग की ओर से हाथी भगाने के लिए छह टॉर्च दिये गये हैं. हाथियों के डर से शाम ढलने के बाद लोग घर से बाहर निकलने से भी बचते हैं. कई बार पूरी रात रतजगा करना पड़ता है. इससे दिनचर्या प्रभावित हो रही है. ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से गांव में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराने की मांग की है. क्षतिग्रस्त फसलों और मकानों के लिए शीघ्र क्षतिपूर्ति मुआवजा देने की भी मांग की गयी है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
