..मार्शल आर्ट कैंप में आत्मरक्षा के तरीके सीख रही छात्राएं

लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से श्री अग्रसेन स्कूल भुरकुंडा में छात्राओं के लिए 15 दिवसीय मार्शल आर्ट कैंप लगाया गया है. कैंप का समापन 21 अप्रैल को होगा.

16बीएचयू0001-ट्रेनिंग लेती छात्राएं.

श्री अग्रसेन स्कूल में लगा मार्शल आर्ट कैंप, 21 को होगा कैंप का समापन.

भुरकुंडा. लड़कियों को आत्मरक्षा के लिए सक्षम बनाने के उद्देश्य से श्री अग्रसेन स्कूल भुरकुंडा में छात्राओं के लिए 15 दिवसीय मार्शल आर्ट कैंप लगाया गया है. कैंप का समापन 21 अप्रैल को होगा. इस कैंप में प्रतिदिन सातवां डॉन सह नेशनल रेफरी नरेंद्र सिन्हा व थर्ड डॉन राशि सिन्हा छात्राओं को ट्रेनिंग दे रहे हैं. छात्राओं को मार्शल आर्ट के तहत कराटे, जूडो व अन्य आत्मरक्षा तकनीक सिखायी जा रही है. पंच, ब्लॉक, किक, सिंगल हैंड ग्रिप, फेस-चेस्ट अटैक, थाई डिफेंस, नेक अटैक, एलबो अटैक, चेस्ट किक आदि का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. छात्राओं को विशेष रूप से बताया जा रहा कि किस प्रकार वह अपने बचाव के लिए घुटने तथा कोहनी का इस्तेमाल एक हथियार के रूप में कर सकती हैं. कैंप के बाबत प्राचार्य विवेक प्रधान ने कहा कि छात्राओं को मानसिक व शारीरिक रूप से मजबूत किया जा रहा है, ताकि वह किसी भी स्थिति में फंसने पर अपनी सुरक्षा करने में सक्षम बन सकें. उन्हें मुसीबत की घड़ी में बिना डरे साहस के साथ हमलावरों को मुंहतोड़ जवाब देने का तरीका सिखाया जा रहा है. मार्शल आर्ट सीख रही छात्रा आतिया ने कहा कि ऐसी ट्रेनिंग हम छात्राओं के लिए जरूरी है. इसे सीखकर हम अपनी व दूसरों की सुरक्षा कर सकेंगे. छात्रा दिव्यांशी ने कहा कि कराटे सीखने से आत्मबल मजबूत हुआ है. जब से प्रशिक्षण लेना शुरू किया है, तब से डर दूूर होने लगा है. अब असामाजिक तत्वों को जवाब देने में हम सक्षम बन रहे हैं. आयोजन को सफल बनाने में पीटीआइ मंजू कुमारी, सोनम खातून, नीलू श्रीवास्तव आदि सक्रिय हैं.

सेल्फ डिफेंस के लिए जरूरी है मार्शल आर्ट : नरेंद्र सिन्हा.

ट्रेनर सह नेशनल रेफरी नरेंद्र सिन्हा ने बताया कि मार्शल आर्ट में जुजुत्सु, जूडो, उशु, काली, सेवाते, कुश्ती व कराटे शामिल है. इसमें सबसे पॉपुलर फॉर्मेट कराटे है. कराटे के अंदर काता, किहोन, कुमिते तकनीक है. यह सभी सेल्फ डिफेंस के लिए होते हैं. उन्होंने कहा कि मार्शल आर्ट अनुशासन, संयम, एकाग्रता की क्षमता विकसित करता है. नियमित अभ्��ास से मोटापा, मधुमेह व हृदय संबंधी समस्याओं से भी बचा जा सकता हैं. लंग्स का पवार बढ़ने से ऑक्सीजन इनटेक अच्छा हो जाता है. ब्लड सर्कुलेशन, फिजिकल डेवलपमेंट, हड्डियां, मसल्स ज्यादा बेहतर ढंग से काम करता है.

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Published by: Vikash nath

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