किसान महापंचायत सह सम्मान समारोह में बोले कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, कृषि व्यवस्था को गुलाम बनाने पर तुली है केंद्र सरकार

कृषि व्यवस्था को गुलाम बनाने पर तुली है केंद्र सरकार, बादल पत्रलेख ने मोदी सरकार पर बोला हमला

रामगढ़ : पतरातू लेक रिसोर्ट के समीप बुधवार को एक मुट्ठी मिट्टी किसान महापंचायत सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया. समारोह में मुख्य अतिथि कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, श्रम एवं नियोजन मंत्री सत्यानंद भोक्ता, विशिष्ट अतिथि विधायक अंबा प्रसाद, ममता देवी, उमाशंकर अकेला, राजेश कच्छप व झामुमो के केंद्रीय महासचिव संजीव बेदिया उपस्थित थे.

समारोह में मुख्य अतिथि बादल पत्रलेख ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों के ऊपर जबरन कृषि कानून थोप दिया है. किसान इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं. दो महीनों से उनका आंदोलन चल रहा है. यदि किसानों की इच्छा है कि यह कानून वापस हो, तो सरकार इसे जबरन क्यों लागू करने पर अड़ी है. उन्होंने कहा कि यह सरकार कृषि व्यवस्था को गुलाम बनाने पर तुली है. विधायक ममता देवी, अंबा प्रसाद, उमाशंकर अकेला,

राजेश कच्छप ने भी केंद्र सरकार के कृषि कानून का विरोध किया. विधायकों ने कहा कि देश के किसान जब इस तरह का कृषि कानून नहीं चाहते हैं, तो आखिर केंद्र सरकार किसके हित में यह कानून किसानों के ऊपर थोपना चाह रही है. आयोजन समिति के अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि महागठबंधन के इस समारोह के माध्यम से किसानों के आंदोलन को आगे बढ़ाया जा रहा है. मौके पर युवा राजद के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव, प्रो सुरेंद्र मोहन, बलजीत सिंह बेदी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुन्ना पासवान,

मो सलीम, राजद प्रदेश महासचिव रमेश यादव, अमर यादव, असगर अली, जयंत तुरी, शौकत अंसारी, खुशबू देवी, अमित साव, शिव कुमार यादव, कमलेश यादव, गोपाल यादव, धनराज कुमार, मुकेश कुमार, अमर कुमार, वीरेंद्र यादव, रंजीत कुमार, दीपेंद्र सिंह, अनुपम लोहानी, पंकज कुमार, गुड्डू सिन्हा, विंदेश्वर राय, मिथिलेश राय, जगत महतो, नइम अंसारी, पवन यादव, संजय यादव, कालीचरण मुंडा, दीपक उरांव, विमला देवी, मनोज महतो, मुमताज अंसारी, राजकुमार महतो, उमर अंसारी, गौरी शंकर महतो उपस्थित थे.

किसान व मजदूर देश के स्तंभ हैं : सत्यानंद :

मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की कथनी-करनी में काफी फर्क है. महंगाई चरम पर है. केंद्र सरकार सिर्फ लोगों को सपने दिखा कर गुमराह कर रही है. किसान व मजदूर देश के स्तंभ हैं. लेकिन केंद्र सरकार ने इनके हित में एक भी योजना को धरातल पर नहीं उतारा. ऊपर से किसानों को गुलाम बनाने के लिए साजिश की. उन्होंने कहा कि झारखंड में 21 वर्ष के दौरान 17 साल तक भाजपा सत्ता में रही. सत्ता से जाते-जाते सरकार का खजाना भी खाली कर गयी. 2021 युवा वर्ष व रोजगार वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है.

Posted By : Sameer Oraon

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By Prabhat Khabar News Desk

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