गोला. गोला प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का उत्पात जारी है. हाथियों के झुंड द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ खेतों में लगे कृषि उपकरणों को भी क्षतिग्रस्त किया जा रहा है. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, धीरन साव ने मुरपा क्षेत्र में खेत में मकई की फसल लगायी थी. इसे 22 अगस्त को हाथियों ने नष्ट कर दिया.
हाथियों के उत्पात से किसान को भारी नुकसान
हाथियों ने 23, 24 एवं 25 अगस्त को लगातार तीन दिन तक कोरांबे स्थित उनके खेत में धावा बोला. हाथियों ने फसलों को नष्ट करने के साथ खेत में लगे ड्रिप सिंचाई सिस्टम के फिल्टर और मल्चिंग पेपर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. किसान धीरन साव ने बताया कि खेती के लिए उन्होंने काफी मेहनत और पूंजी लगायी थी. आधुनिक तरीके से खेती करने के लिए खेत में ड्रिप सिंचाई व्यवस्था एवं मल्चिंग पेपर लगाया गया था.
किसान ने मुआवजे की मांग की
हाथियों के लगातार पहुंचने से फसल के साथ कृषि साधनों को भी नुकसान पहुंचा है. इससे उन्हें दोहरी आर्थिक क्षति हुई है. हाथियों के उत्पात के कारण खेती मुश्किल होती जा रही है. उन्होंने वन विभाग से खेत का स्थल निरीक्षण कर फसल एवं कृषि उपकरणों को हुए नुकसान का आकलन कराने तथा नियम के अनुसार उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है.
40 हाथियों के झुंड से क्षेत्र में दहशत
क्षेत्र में हाथियों की लगातार आवाजाही से किसानों में भय है. वन विभाग को हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ किसानों को समय पर सूचना देने और नुकसान की भरपाई के लिए आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए. क्षेत्र में एक साथ 40 हाथियों का झुंड है. हाथियों के आगमन से क्षेत्र में दहशत है.
