सुरेंद्र कुमार/शंकर पोद्दार की रिपोर्ट रजरप्पा : सीसीएल रजरप्पा प्रोजेक्ट की आवासीय कॉलोनी क्षेत्र में गुरुवार देर रात हाथियों का झुंड पहुंचने से कॉलोनी वासियों में दहशत का माहौल है. हाथियों का झुंड देर रात रजरप्पा कॉलोनी स्टेडियम के आसपास पहुंच गया. हाथियों के कॉलोनी क्षेत्र में पहुंचने की सूचना मिलते ही लोगों में अफरा-तफरी मच गयी. लोग अपने घरों में दुबके रहे और हाथियों के वापस जंगल की ओर जाने का इंतजार करते रहे.
हाथियों के हमले में हुई थी दो की मौत
जानकारी के अनुसार, 17 अगस्त को बड़कीपोना गांव में हाथियों के हमले में धानो देवी और सबीना खातून की मौत हो गयी थी. इस घटना के बाद से हाथियों का झुंड लगातार रजरप्पा, चितरपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विचरण कर रहा है. हाथियों के लगातार आवासीय और ग्रामीण इलाकों में पहुंचने से लोगों में भय बढ़ता जा रहा है.
गांवों में फसलों को पहुंचाया नुकसान
हाथियों के झुंड ने मारंगमरचा और तेबरदाग गांव में भी जमकर उत्पात मचाया. यहां पिंटू महतो, अनीता देवी, संजय महतो समेत कई किसानों की फसलों को रौंदकर बर्बाद कर दिया. किसानों का कहना है कि बड़ी मेहनत से तैयार की गयी फसल हाथियों के झुंड ने कुछ ही देर में नष्ट कर दी. इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. ग्रामीणों ने वन विभाग से नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है.
कॉलोनी वासियों में भय का माहौल
फसलों को नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों का झुंड रजरप्पा और भुचूंगडीह क्षेत्र की ओर बढ़ गया. गुरुवार देर रात हाथियों का झुंड रजरप्पा कॉलोनी स्टेडियम के आसपास पहुंच गया. इसके बाद कॉलोनी वासियों में भय का माहौल बन गया. लोगों ने घरों से बाहर निकलने से परहेज किया. हाथियों के विचरण के कारण क्षेत्र में देर रात तक लोगों के बीच चर्चा होती रही.
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पंचायत सचिवालय में भी तोड़फोड़
हाथियों ने भुचूंगडीह पंचायत सचिवालय परिसर में भी नुकसान पहुंचाया. हाथियों ने वहां लगे सीसीटीवी कैमरे, डस्टबीन और फूलों के गमले को क्षतिग्रस्त कर दिया. हाथियों के लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने से ग्रामीणों को अब जान-माल की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है.
44 हाथियों का झुंड
बताया गया कि करीब 44 हाथियों का झुंड दो हिस्सों में बंट गया है. झुंड में कई शावक भी शामिल हैं. अलग-अलग स्थानों पर हाथियों के पहुंचने के कारण ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है. वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रही है और उन्हें आबादी वाले क्षेत्र से दूर रखने का प्रयास कर रही है.
हाथियों के पास नहीं जाने की अपील
वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों और कॉलोनीवासियों से हाथियों के पास नहीं जाने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा कि हाथियों को देखने या भगाने के प्रयास में लोग अपनी जान जोखिम में न डालें. विशेष रूप से रात के समय ग्रामीणों को घर से बाहर निकलने से बचने और हाथियों की सूचना मिलने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गयी है.
हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर भेजे वन विभाग
बड़कीपोना निवासी सह आजसू के केंद्रीय सचिव अमृतलाल मुंडा ने हाथियों के लगातार बढ़ते आतंक पर गंभीर चिंता जतायी है. उन्होंने कहा कि बड़कीपोना में दो लोगों की मौत के बाद भी हाथियों का झुंड लगातार आबादी वाले क्षेत्रों में घूम रहा है. इससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा की भावना बनी हुई है. वन विभाग को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि हाथियों को ग्रामीण क्षेत्र से सुरक्षित तरीके से निकालकर जंगल की ओर भेजने की व्यवस्था की जाये.
हाथियों की गतिविधियों पर नजर
इसके लिए वन विभाग की टीम को हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हुए संवेदनशील गांवों में निगरानी बढ़ानी चाहिए. रात के समय विशेष टीम तैनात कर ग्रामीणों को समय पर सूचना उपलब्ध करायी जाये, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
किसानों को दिया जाय मुआवजा
मुंडा ने कहा कि हाथियों के कारण जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं, उनके नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाये. प्रभावित किसानों को सरकारी प्रावधान के अनुसार मुआवजा दिया जाये, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके. उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. वन विभाग, प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को मिलकर हाथियों के आतंक से ग्रामीणों को राहत दिलाने के लिए ठोस और स्थायी पहल करनी चाहिए.
वन विभाग की टीम ने संभाला मोर्चा
प्रधान वनरक्षी शंकर उरांव ने बताया कि गुरुवार देर रात रजरप्पा कॉलोनी क्षेत्र में हाथियों के झुंड के विचरण की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अविलंब मौके पर पहुंची. टीम ने क्षेत्र का जायजा लेते हुए हाथियों को आबादी वाले इलाके से दूर भगाने का प्रयास शुरू किया.
जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास
उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है और उन्हें सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास किया जा रहा है. शंकर उरांव के अनुसार, फिलहाल हाथियों का झुंड जनियामारा जंगल में डेरा जमाये हुए है.
हाथियों के झुंड के करीब नहीं जाने की अपील
वन विभाग की टीम आसपास के ग्रामीणों और कॉलोनीवासियों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है. साथ ही लोगों से हाथियों के झुंड के करीब नहीं जाने और किसी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने की अपील की गयी है.
